
वीरगंज।(Vor desk)।
‘रक्तदान ही जीवनदान है’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए रोटरी क्लब ऑफ वीरगंज एवं रोटरी क्लब ऑफ वीरगंज मेट्रोपोलिस के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को माइस्थान पार्क में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। वीरगंज के विभिन्न अस्पतालों और रक्त संचार केंद्र में खून की कमी की सूचना के बाद रोटरी क्लब ने त्वरित पहल करते हुए इस मानवीय कार्य को अंजाम दिया।
3 महिलाओं सहित 49 लोगों ने किया रक्तदान
शिविर की सफलता की जानकारी देते हुए रोटरी क्लब ऑफ वीरगंज मेट्रोपोलिस के अध्यक्ष संजय जोशी ने बताया कि अल्प सूचना के बावजूद समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिविर में कुल 49 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसमें 3 महिलाओं का विशेष योगदान रहा। रक्तदान करने वाले प्रमुख रक्तवीरों में विद्या भारती, श्वेता गुप्ता, कविता खेतान, सुनील खेतान, विशाल शर्मा, गणेश राम, आयुष सिंह, रवि श्रेष्ठ और श्याम अग्रवाल शामिल थे।
रक्तदान से बचती है अनमोल जान
इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ वीरगंज के अध्यक्ष गोपाल खेतान ने कहा कि वीरगंज के नारायणी अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को रक्त के अभाव में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि हर स्वस्थ व्यक्ति को प्रत्येक तीन माह पर रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि इससे देने वाले को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि लेने वाले को नया जीवन मिलता है।
गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
माइस्थान पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से गोपाल खेतान और संजय जोशी ने की। कार्यक्रम में बतौर अतिथि ज्येष्ठ नागरिक संघ मधेश प्रदेश के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार जगदीश शर्मा, नेपाल रेडक्रॉस सोसाइटी पर्सा के अध्यक्ष बृजकिशोर पटेल, नारायणी अस्पताल के मेसु डॉ. चितरंजन साह, डॉ. आनंद अग्रवाल, वीरगंज कपड़ा बैंक के अध्यक्ष लालबाबू सिंह, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष शशीरंजन कलवार, गहवामाई रथयात्रा के महासचिव लक्ष्मी गुप्ता (पप्पू) और रक्त संचार केंद्र वीरगंज के प्रमुख सौरभ राज पाण्डेय उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति ईश्वर के दूत के समान है, जो किसी के जीवन को बुझने से बचाता है। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए रोटरी परिवार और सभी रक्तदाताओं को बधाई एवं धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब के पदाधिकारी, सदस्य, महिलाएं और स्थानीय युवाओं की भारी संख्या में उपस्थिति रही।
