Saturday, March 7

अभाविप ने अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट कर केसीटीसी के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर संत साह को दी विदाई

पूर्व प्राचार्य के छात्र हित में किए गए कार्यों को कार्यकर्ताओं ने किया याद, नम आंखों से हुए विदा

रक्सौल। (Vor desk)

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को के.सी.टी.सी. महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान प्रोफेसर संत साह के सम्मान में एक विदाई समारोह का आयोजन किया। इस दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंगवस्त्र एवं भारत-नेपाल मैत्री के प्रतीक ‘शंकराचार्य द्वार’ का स्मृति चिह्न भेंट कर नम आंखों से विदाई दी।

परिसर से छात्रों को जोड़ने में रही अहम भूमिका

​समारोह को संबोधित करते हुए अभाविप के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोमेश्वर यादव ने कहा कि प्रोफेसर संत साह ने प्राचार्य के रूप में महाविद्यालय के विकास के लिए कई ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने छात्रों को कैंपस की ओर आकर्षित करने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर मार्गदर्शन दिया। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज कॉलेज परिसर में छात्र नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं, जो पहले संभव नहीं था।

छात्र सुविधाओं पर रहा विशेष जोर

​अभाविप के जिला संयोजक अंकित कुमार ने प्रोफेसर साह के मिलनसार स्वभाव की चर्चा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में छात्रों के लिए खेल का मैदान, कॉमन रूम और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ। छात्र हित में किए गए उनके कार्यों को विद्यार्थी हमेशा याद रखेंगे।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​विदाई समारोह के दौरान परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोशन गुप्ता, राजकुमार रंजन शर्मा, अंकित कुमार, नीरज कुमार, कुमार अमित सहित अन्य कार्यकर्ता एवं छात्र उपस्थित रहे। सभी ने प्रोफेसर संत साह के उज्जवल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!