
: समाजसेवी रवि मस्करा ने पूरा किया रक्तदान का ‘अर्धशतक’, पत्नी ने भी पहली बार किया रक्तदान
रक्सौल ।(Vor desk)।
शहर के रामेश्वर लाल गोविन्द प्रसाद मस्करा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शनिवार को स्थानीय श्री सत्य नारायण पंचायती मारवाड़ी मंदिर परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर न केवल रक्त संग्रह का माध्यम बना, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति एक परिवार के समर्पण की मिसाल भी पेश की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय रामेश्वर लाल मस्करा के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
रवि मस्करा की ‘गोल्डन जुबली’
शिविर का मुख्य आकर्षण प्रख्यात समाजसेवी रवि मस्करा रहे, जिन्होंने अपना 50वाँ रक्तदान कर ‘गोल्डन जुबली’ मनाई। इस अवसर पर उन्होंने अपनी पत्नी ऋषिका मस्करा को भी प्रेरित कर उनका पहला रक्तदान कराया। डंकन अस्पताल परिवार द्वारा श्री मस्करा को विशेष बैच और सर्टिफिकेट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
दो दशकों से सेवा का संकल्प
भावुक होते हुए रवि मस्करा ने बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से सामाजिक कार्यों (केसीटीसी कॉलेज, महिला कॉलेज, सरस्वती शिशु मंदिर आदि) में संलग्न है। उन्होंने कहा, “दो दशक पहले जब महसूस हुआ कि रक्त की कमी से लोगों की जान जा रही है, तब मैंने यह मुहिम शुरू की। आज 125 लोगों की टीम रक्सौल, मोतिहारी सहित नेपाल के मरीजों के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहती है।” उन्होंने अब तक 22 बार नेपाल और कई बार दिल्ली-पटना में भी रक्तदान किया है।


प्रदर्शनी ने मोहा मन
सभागार में मस्करा ट्रस्ट द्वारा पूर्व में किए गए सामाजिक कार्यों की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसकी आगंतुकों और स्थानीय समुदाय ने खूब सराहना की। शिविर में डंकन अस्पताल के सहयोग से कुल 16 यूनिट रक्तदान हुआ।

मंच पर मौजूद रहे गणमान्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सुजीत कुमार, प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सिन्हा, अजय मस्करा, अनुमंडल अस्पताल की उपाध्यक्ष डॉ. स्वाती सपन, डॉ. अरुण यादव, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. एस. के. मिश्रा, सुरेश साह(पूर्व पार्षद) एवं दीपक गुप्ता(वार्ड पार्षद पति) उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने मस्करा ट्रस्ट के कार्यों को अतुलनीय बताया।
सम्मान और आभार
कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। रवि मस्करा ने सहयोगी संस्थाओं, डंकन अस्पताल और अनूप स्टीफेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक ईश्वर स्वस्थ रखेगा, यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।
