
बीरगंज के आईसीपी में चार जिलों के डीएम-एसपी का महामंथन; घुसपैठ, शराब तस्करी और सरिसवा प्रदूषण पर बनी संयुक्त रणनीति
रक्सौल।(Vor desk)।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों और नेपाल में होने वाले आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव को लेकर शनिवार को बीरगंज (परसा) स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के सभागार में इंडो-नेपाल बॉर्डर कॉर्डिनेशन कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। परसा जिला के प्रमुख जिलाधिकारी भोला दहाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों ने सीमा प्रबंधन को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए।
चुनाव के दौरान ‘जीरो टॉलरेंस’
बैठक का मुख्य फोकस नेपाल में 5 मार्च 2026 को होने वाले आम चुनाव को भयमुक्त और शांतिपूर्ण संपन्न कराना रहा। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मतदान से 72 घंटे पूर्व सीमा को पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। इस दौरान केवल एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को ही आवाजाही की अनुमति होगी। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दोनों देशों के जवान संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करेंगे।

तीसरे देशों की घुसपैठ पर कड़ा पहरा
हाल के दिनों में चीन, अमेरिका, कनाडा, कोरिया और बांग्लादेश जैसे देशों के नागरिकों की अवैध घुसपैठ के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने पहचान पत्रों की सघन जांच पर जोर दिया। इसके साथ ही:
- क्राइम कंट्रोल: नारकोटिक्स, जाली नोट, हवाला और हथियारों की तस्करी के विरुद्ध खुफिया सूचना साझा करने पर सहमति बनी।
- शराब एवं होली पर नजर: चुनाव और आगामी होली पर्व के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब की दुकानों के संचालन और अवैध तस्करी पर पूर्ण रोक रहेगी।
सरिसवा नदी और नो-मेंस लैंड पर चर्चा
भारतीय अधिकारियों ने नेपाल से आने वाली सरिसवा नदी के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा पुरजोर ढंग से उठाया। उन्होंने मांग की कि नेपाल की ओर से पानी को ‘वाटर ट्रीटमेंट’ के बाद ही भारत की ओर प्रवाहित किया जाए। इसके साथ ही ‘नो-मेंस लैंड’ से अतिक्रमण हटाने और नेपाली क्षेत्र की ओर से बनी अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने पर चर्चा हुई, जिस पर नेपाली प्रशासन ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
भारतीय अधिकारियों को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
बैठक की शुरुआत में भारतीय अधिकारियों को नेपाल पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया और अंत में मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
बैठक के मुख्य सहभागी:
- भारत की ओर से: पूर्वी चंपारण के डीएम सौरभ जोरवाल, एसपी स्वर्ण प्रभात, रक्सौल एसडीएम मनीष कुमार, एसडीपीओ मनीष आनंद, पश्चिमी चंपारण के डीएम तरण जोत सिंह एवं एसपी डॉ. शौर्य सुमन।
- नेपाल की ओर से: परसा के डीएम भोला दहाल, एसपी सुदीप पाठक, एपीएफ एसपी मोहन क्षेत्री, बारा के डीएम धर्मेंद्र मिश्र, एसपी नरेंद्र कुंवर, एपीएफ एसपी विशाल सिलवाल और एसपी संतोष डुंगेल।
बैठक में भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अधिकारियों सहित एसएसबी, कस्टम, इमिग्रेशन, वन और आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
