
महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी रामबाबू यादव के आवास पर जुटे सैकड़ों लोग, ‘भारत रत्न’ के आदर्शों को किया याद
रक्सौल ।(Vor desk)।बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सादगी की प्रतिमूर्ति ‘भारत रत्न’ जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि मंगलवार को रक्सौल के लक्ष्मीपुर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी रामबाबू यादव के निवास स्थान पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
पुष्पांजलि अर्पित कर दी गई सलामी
कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने उन्हें नमन करते हुए समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए उनके संघर्षों को याद किया। रामबाबू यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि कर्पूरी जी का जीवन एक खुली किताब की तरह था, जिन्होंने सत्ता के शीर्ष पर रहकर भी कभी अपनी नैतिकता और सादगी से समझौता नहीं किया।
वक्ताओं ने कहा- ‘गरीबों की आवाज थे जननायक’
कार्यक्रम की शुरुआत जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित जनसमूह ने उन्हें नमन करते हुए समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए उनके संघर्षों को याद किया। रामबाबू यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि कर्पूरी जी का जीवन एक खुली किताब की तरह था, जिन्होंने सत्ता के शीर्ष पर रहकर भी कभी अपनी नैतिकता और सादगी से समझौता नहीं किया।
इनकी रही उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य मोहम्मद नबी हसन अंसारी, पूर्व मुखिया संजय पांडे, अनिल पान, राजेश कुमार साह, ओमप्रकाश दास, पवन यादव, कन्हैया महतो, त्रिलोकी ठाकुर, दिनेश ठाकुर, मुमताज खान, नारायण यादव, सुरेंद्र महतो, सूरज कुमार, निजामुद्दीन अंसारी और विक्कू यादव समेत सैकड़ों स्थानीय नागरिक व समर्थक मौजूद रहे।
सादगीपूर्ण आयोजन का संदेश
लक्ष्मीपुर स्थित इस सभा में किसी भी प्रकार के तड़क-भड़क के बजाय सादगी पर जोर दिया गया, जो स्वयं जननायक के जीवन का मूल मंत्र था। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे जननायक के बताए रास्तों पर चलकर समाज में समरसता और समानता लाने का प्रयास करेंगे।
