
भारत-नेपाल मैत्री पुल के पास SSB और NGO की संयुक्त कार्रवाई, वैशाली की 13 वर्षीय बालिका का रेस्क्यू
रक्सौल ।(Vor desk)।भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) ने एक बार फिर मुस्तैदी दिखाते हुए एक मासूम की जिंदगी बचा ली। मंगलवार को मैत्री ब्रिज के पास चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन में एक नेपाली मानव तस्कर को गिरफ्तार कर, उसके चंगुल से वैशाली जिले की 13 वर्षीय नाबालिग बालिका को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस कार्रवाई में ‘प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर’ और ‘स्वच्छ रक्सौल’ (NGO) ने भी अहम भूमिका निभाई।
संदेह के आधार पर रोकी गई आवाजाही
जानकारी के अनुसार, सीमा पर जांच के दौरान एएचटीयू की टीम ने भारत से नेपाल की ओर जा रहे एक संदिग्ध व्यक्ति और एक नाबालिग लड़की को रोका। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों के बयानों में विरोधाभास पाए जाने पर टीम को मानव तस्करी का संदेह हुआ। इसके बाद एएचटीयू और एनजीओ के सदस्यों ने अलग-अलग काउंसलिंग की, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
प्रेम जाल में फंसाकर काठमांडू ले जाने की थी तैयारी
पूछताछ में पता चला कि पीड़िता रानी कुमारी (परिवर्तित नाम, 13 वर्ष) मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले की रहने वाली है। वह अपने परिवार के साथ हैदराबाद में रहती थी, जहां वह आरोपी (नेपाल, जिला परसा निवासी) के संपर्क में आई। आरोपी ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया।
बीते 15 फरवरी को जब पीड़िता अपने गांव आई, तो आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और काठमांडू ले जाने की फिराक में रक्सौल बॉर्डर पहुंचा था।
वैशाली में पहले से दर्ज थी FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पीड़िता के परिजनों से संपर्क किया गया, तो पता चला कि वैशाली के स्थानीय थाने में 16 फरवरी 2026 को ही अपहरण/गुमशुदगी के संबंध में एफआईआर संख्या 64/26 दर्ज कराई जा चुकी है। एसएसबी की तत्परता से एक बड़ी अनहोनी टल गई। आरोपी और पीड़िता को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरैया थाना पुलिस को सौंप दिया गया है।
रेस्क्यू टीम में ये रहे शामिल
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार ने किया। टीम में हवलदार अरविंद द्विवेदी, सिपाही नीतू कुमारी, लता पी., रेशमी कुमारी और राजन कुमारी शामिल थीं। वहीं, ‘प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर’ से आरती कुमारी व राज गुप्ता और ‘स्वच्छ रक्सौल’ से रणजीत सिंह व साबरा खातून ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
