Saturday, March 7

श्रद्धांजलि: स्वास्थ्य सेवाओं के ‘रक्सौल रत्न’ बीएमसी अनिल कुमार को दी गई भावभीनी विदाई,याद में नम हो गई आँखे!

​स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ परिवार ने जताया गहरा शोक; सेवा और समर्पण की मिसाल थे दिवंगत अनिल

श्रद्धांजलि सभा में हर आँख थी नम, छलक रहे थे अविरल अश्रु

​रक्सौल। (vor desk)। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर उतारने और टीकाकरण अभियानों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले यूनिसेफ के बीएमसी अनिल कुमार के असामयिक निधन से पूरा चिकित्सा जगत और स्थानीय सामाजिक गलियारा
स्तब्ध है। शनिवार को रक्सौल पीएचसी परिसर में आयोजित एक शोक सभा में उन्हें अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने किया, जिसमें विभाग के अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने हिस्सा लिया।
​श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए गाबी (GAVI) के रीजनल हेड डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने अत्यंत भावुक स्वर में कहा कि अनिल कुमार का जाना विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने वर्ष 2006 से लगातार अपनी कर्मठता और लगनशीलता से स्वास्थ्य विभाग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। डॉ. धर्मेंद्र ने उन्हें याद करते हुए कहा, “अनिल जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सक्रियता और कार्य करने का जज्बा हमारे दिलों में हमेशा जीवित रहेगा। उनके बताए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”


​इस दौरान अनुमंडल अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन और उपस्थित अन्य चिकित्सकों,स्वास्थ्यकर्मियों ने एक स्वर में स्व. अनिल कुमार को ‘रक्सौल रत्न’ की उपाधि दी। वक्ताओं ने कहा कि वे केवल एक कर्मचारी नहीं बल्कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी।

​शोक व्यक्त करने वालों में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय कुमार, डॉ. प्रहस्त कुमार, डॉ. अमित जायसवाल, डॉ. आरपी सिंह, डॉ. प्रिया साह, और आईसीटीसी काउन्सलर डॉ. प्रकाश मिश्रा प्रमुख थे। साथ ही, सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं, जिनमें भारत विकास परिषद के उमेश सिकरिया, रामेश्वर मस्करा चैरिटेबल ट्रस्ट के रवि मस्करा और चेतना प्रोजेक्ट की सिस्टर ग्रेसी शामिल थीं।
​यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ की टीम ने भी अपने साथी को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक बताया ।उन्हें विभाग के लिए’ ग्रेट वाल ‘ शब्द से नवाजते हुए कहा कि उनकी भरपाई संभव नहीं।इस मौके पर स्वास्थ्य प्रबंधक आशीष कुमार, यूनिसेफ के एसएमसी नवीन कुमार, बीएमसी रवि रंजन, मोहम्मद सलीम, डब्लूएचओ के एफएम नूर सलाम, पूर्व संगणक अमरनाथ प्रसाद,एकाउंटेंट शिल्पी कुमारी,मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक जय प्रकाश कुमार,बीसीएम सुमित कुमार, सौरभ कुमार, एसटीएस दीपक कुमार सिंह,परिवार नियोजन परामर्शी सौरभ मिश्रा ,एलटी नवीन कुमार,दीप राज,स्वास्थ्यकर्मी मोहम्मद अरशद,मोहमद एकराम, हरि नंदन राम,प्रमोद पांडे ,राजेश कुमार, धुरंधर कुमार,जीविका की शरिता कुमारी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी , सीएचओ,जीएनएम, एएनएम,आशा कार्यकर्ता ,आशा फेसिलेटर,आदि मौजूद रहे।वरिष्ठ पत्रकार दीपक अग्निरथ ने हर दिल अजीज अनिल कुमार के पोलियो और कोविड उन्मूलन में अहम भूमिका निभाने और रक्सौल की पहचान देश स्तर पर अग्रणी बनाने में योगदान को याद किया। पत्रकार लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने कहा कि उनकी कमी तो खूब महसूस होगी,लेकिन,उनके पथ और आदर्शो पर चल कर ही।उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
श्रद्धांजलि सभा के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

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