
रक्सौल (vor desk)। सीमावर्ती शहर रक्सौल में प्रस्तावित हवाई अड्डे को लेकर एक बड़ी और दूरदर्शी पहल सामने आई है। विधान पार्षद सौरभ कुमार ने रक्सौल एयरपोर्ट के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि प्रस्तावित एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई को भविष्य की जरूरतों के अनुसार बढ़ाया जाए और इसे पूर्णतः अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।पश्चिम चंपारण से विधान पार्षद श्री कुमार का मानना है कि इस हवाई अड्डे को इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि आने वाले समय में इसे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विस्तारित करना सुगम हो सके।
मुख्यमंत्री श्री कुमार को सौंपे गए इस प्रस्ताव में रक्सौल की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति पर विशेष जोर दिया गया है। श्री कुमार ने तर्क दिया कि रक्सौल की लोकेशन इसे न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के लिए भी सामरिक और आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। इस हवाई अड्डे के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन और आम जनमानस के आवागमन को एक नई और तेज गति मिलेगी। साथ ही, यह कदम भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से की तकदीर बदल जाएगी। विशेषकर पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सिवान और गोपालगंज सहित आसपास के जिलों के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सबसे अधिक सुविधा उन कामगारों और पेशेवरों को होगी जो इन जिलों से निकलकर विदेशों में कार्यरत हैं। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए उन्हें बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता है, लेकिन रक्सौल में यह सुविधा उपलब्ध होने से उनके समय और धन की भारी बचत होगी।
कुल मिलाकर श्री कुमार द्वारा रखा गया यह प्रस्ताव क्षेत्रीय विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल है। जानकारों का मानना है कि यदि इस प्रस्ताव पर अमल होता है, तो रक्सौल का यह एयरपोर्ट पूरे क्षेत्र के लिए विकास का प्रवेश द्वार बनेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।
