
रक्सौल।(Vor desk)। शहर के पोस्ट ऑफिस रोड स्थित श्री राम जानकी मंदिर परिसर शनिवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबा रहा। अवसर था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समग्र हिन्दू-उत्थान समिति, शिवाजी बस्ती द्वारा आयोजित भव्य ‘हिन्दू सम्मेलन सह हनुमान आराधना’ का। इस आयोजन में भारी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के कारण पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ आचार्य जीतेन्द्र पाण्डेय के सानिध्य में श्री हनुमान जी के पूजन और पंचोपचार के साथ हुआ। इसके पश्चात सांस्कृतिक सत्र में श्रीराम जानकी म्यूजिकल ग्रुप की सुप्रसिद्ध गायिका जूही राज ने अपनी मधुर आवाज में गणेश वंदना और सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। जूही राज एवं उनकी मंडली द्वारा किए गए सस्वर सुंदरकांड पाठ और मनमोहक भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
दूसरे सत्र की शुरुआत भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि और आरती के साथ की गई। समिति के अध्यक्ष रजनीश प्रियदर्शी ने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इन सम्मेलनों का आयोजन विभिन्न बस्तियों में हिन्दू समाज को जागृत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर पूर्व क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी एवं जिला प्रचारक शिवम सोनू जी ने अपने बौद्धिक संबोधन में हिन्दू समाज की एकता और सांस्कृतिक चेतना को वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इन सम्मेलनों का मूल उद्देश्य समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने छुआछूत और जाति-भेद जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान करते हुए ‘पंच परिवर्तन’ यानी सामाजिक सद्भाव, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य पर विशेष बल दिया।
विनोद कुमार गुप्ता की अध्यक्षता और विकास कुमार के कुशल मंच संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण और सचिव धीरज कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में उत्तर बिहार सह प्रांत संचालक डॉ. राजकिशोर सिंह, जिला कार्यवाह दुर्गेश कुमार, जिला सेवा प्रमुख विकास कुमार सहित अजय कुमार, चंदन गुप्ता, प्रकाश कुमार, हेमंत कुमार, सुनील कुमार, सुरेश कुमार गुप्ता, सनोज कुमार, विवेक कुमार, ईशांत पाण्डेय एवं चैतन्य कुमार जैसे स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
