
काठमांडू/वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए निर्वाचन आयोग ने आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव की तारीखों और नियमों की औपचारिक घोषणा कर दी है। देश में 5 मार्च 2026 को होने वाले इस ऐतिहासिक आम चुनाव के लिए रविवार आधी रात से ‘निर्वाचन आचार संहिता’ प्रभावी हो गई है। जेनजी आंदोलन’ के बाद की राजनीतिक परिस्थितियों में होने वाला यह चुनाव नेपाल के भविष्य के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव को पूरी तरह स्वच्छ, स्वतंत्र और पारदर्शी वातावरण में संपन्न कराने के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। कार्यवाहक प्रमुख निर्वाचन आयुक्त रामप्रसाद भंडारी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम जारी अपील में सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। श्री भंडारी ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव की कार्यतालिका में अब कोई संशोधन नहीं होगा, हालांकि शारीरिक रूप से उपस्थित न हो पाने वाले उम्मीदवार अपने वारिस (प्रतिनिधि) के माध्यम से नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
सुरक्षा के मोर्चे पर भी नेपाल सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नेपाल पुलिस मुख्यालय ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसके तहत 8 डीआईजी और 48 एसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला किया गया है। भारत के साथ साझा सीमा वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सुरक्षा गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।
आयोग द्वारा जारी आचार संहिता का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है। यह नियम नेपाल सरकार के मंत्रियों, प्रदेश सरकारों, संवैधानिक निकायों, सरकारी व अर्धसरकारी कर्मचारियों सहित राजनीतिक दलों के भातृ संगठनों, मीडिया संस्थानों, निजी व गैर-सरकारी संगठनों और शिक्षकों पर भी समान रूप से लागू होंगे। निर्वाचन आयोग ने सख्त चेतावनी दी है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
