
मुंबई/दिल्ली/रक्सौल।(Vor desk)। भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों सोना और चांदी निवेश के सबसे आकर्षक केंद्र बने हुए हैं। परंपरा और सुरक्षा के प्रतीक माने जाने वाले सोने के साथ-साथ चांदी ने भी हाल ही में 3 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर को पार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बाजार के इस बदलते मिजाज पर शेयर मार्केट विशेषज्ञ राम पुकार गुप्ता का कहना है कि कीमतों में यह उछाल महज एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नई आर्थिक संभावनाओं की ओर स्पष्ट संकेत कर रहा है।
राम पुकार गुप्ता के विश्लेषण के अनुसार, आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा से निवेशकों के लिए भरोसेमंद और स्थिर साथी रहा है। वहीं दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में आई हालिया तेजी के पीछे औद्योगिक मांग की बड़ी भूमिका है। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों के निर्माण में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जो इसे केवल एक कीमती धातु ही नहीं बल्कि एक अनिवार्य औद्योगिक वस्तु भी बनाता है। यही कारण है कि चांदी की कीमतों में आगे भी बड़ी बढ़त की संभावना बनी हुई है।
निवेशकों को सलाह देते हुए राम पुकार गुप्ता ने एक संतुलित और आधुनिक दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोने-चांदी को भौतिक रूप से खरीदने के बजाय ‘गोल्ड ईटीएफ’ (Gold ETF) और ‘सिल्वर ईटीएफ’ (Silver ETF) के माध्यम से निवेश करना अधिक व्यावहारिक और सुरक्षित विकल्प है। ईटीएफ के जरिए निवेशक बिना भौतिक धातु के रख-रखाव की चिंता किए बाजार की तेजी का सीधा लाभ उठा सकते हैं। यह माध्यम न केवल पारदर्शी है, बल्कि इसमें तरलता (Liquidity) भी अधिक होती है, जिससे छोटे और बड़े दोनों प्रकार के निवेशक आसानी से अपनी रणनीति बना सकते हैं।
आज का आर्थिक परिदृश्य यह साफ करता है कि सोना और चांदी अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आधुनिक अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। राम पुकार गुप्ता का मानना है कि जो निवेशक लंबी अवधि की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, उनके लिए ईटीएफ के माध्यम से इन धातुओं में निवेश करना एक प्रभावी और सरल माध्यम साबित होगा।
