
रक्सौल।(Vor desk)। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराने के लिए रक्सौल थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। एसडीएम मनीष कुमार और एसडीपीओ मनीष आनंद के संयुक्त नेतृत्व में हुई इस बैठक में पूजा आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मूर्ति विसर्जन को लेकर प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के दौरान किसी भी परिस्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी और इसका उल्लंघन करने पर डीजे को जब्त कर लिया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम मनीष कुमार ने सभी पूजा समितियों को निर्देशित किया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस होने के कारण सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए हर हाल में 24 जनवरी तक प्रतिमा विसर्जन का कार्य पूरा कर लिया जाए। उन्होंने पूजा समितियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य बताते हुए कहा कि अब तक रक्सौल और हरैया थाना क्षेत्र की कई समितियों को लाइसेंस निर्गत किए जा चुके हैं, जबकि शेष के लिए प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने अश्लील गाने बजाने और फुहड़ सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है।
सुरक्षा और मर्यादा के मसले पर एसडीपीओ मनीष आनंद ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूजा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि महिलाओं के साथ छींटाकशी या दुर्व्यवहार की कोई भी घटना होती है, तो इसके लिए संबंधित पूजा समिति के आयोजकों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विसर्जन जुलूस के दौरान छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। विसर्जन के समय केवल परंपरागत वाद्य यंत्रों (हारन) के प्रयोग की ही अनुमति दी गई है।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों से संवाद कर पूजा स्थलों की सूची और प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि सहदेवा, पंटोका, कौड़िहार, सभ्यता नगर और ब्लॉक रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में पूजा का भव्य आयोजन होता है। इस अवसर पर रक्सौल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार, हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान सहित विभिन्न नगर पार्षद और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशासन को शांतिपूर्ण आयोजन का भरोसा दिलाया।
