
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। नागरिक उड्डयन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सामरिक और आर्थिक दृष्टिकोण से यह परियोजना उत्तर बिहार और नेपाल के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं (At a Glance):
विशाल रनवे निर्माण: एयरपोर्ट का नया रनवे 2360 मीटर लंबा होगा। वर्तमान रनवे में करीब 1000 मीटर की अतिरिक्त वृद्धि की जा रही है। यह रनवे तिलावे नदी से500 मीटर पश्चिम में सिसवा गांव तक विस्तारित होगा।
भूमि अधिग्रहण: परियोजना के लिए कुल 139 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।इसके मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भुगतान और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूर्ण होते ही रन वे निर्माण शुरू हो जाएगा।पूर्व की 213 एकड़ भूमि के साथ मिलकर अब यह एक विशाल एयरपोर्ट परिसर का रूप लेगा।
सैन्य शक्ति में इजाफा: सामरिक महत्व को देखते हुए इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यहाँ भारतीय वायुसेना के राफेल, तेजस, मिराज, जगुआर और मिग-29 जैसे फाइटर जेट्स आपातकालीन और सैन्य ऑपरेशंस के लिए लैंड कर सकेंगे।
कमर्शियल कनेक्टिविटी: विस्तार के बाद यहाँ एयरबस-320 और बोइंग-737 जैसे बड़े यात्री(कमर्शियल) विमान उतर सकेंगे, जिससे चंपारण के लोगों को महानगरों के लिए सीधी उड़ान मिलेगी।
अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: नए लेआउट के अनुसार यहाँ आधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, भव्य एयरपोर्ट कॉलोनी और बड़ी पार्किंग क्षमता का निर्माण होगा।
भारत-नेपाल संबंधों और विकास पर प्रभाव:
बॉर्डर कनेक्टिविटी: रक्सौल एयरपोर्ट विकसित होने से नेपाल के वीरगंज और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का सीधा संपर्क भारत के प्रमुख राज्यों से हो जाएगा।
व्यापार और पर्यटन: सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, बौद्ध सर्किट और धार्मिक पर्यटन पर आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक सुगम केंद्र बनेगा।
रोजगार के अवसर: एयरपोर्ट के संचालन से स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में हजारों रोजगार सृजित होंगे।
प्रशासनिक अपडेट:
उड़ान विभाग के सचिव नीलेश देवड़े ने सोशल मीडिया पर इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का नक्शा साझा करते हुए पुष्टि की है कि लेआउट तैयार है। प्रशासन के अनुसार, मुआवजा भुगतान के तुरंत बाद रनवे का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा।
क्या है लोगों की प्रतिक्रिया
संभावना संस्था के अध्यक्ष भरत प्रसाद गुप्त,सीमा जागरण मंच के स्टेट कॉर्डिनेटर महेश अग्रवाल के मुताबिक,
रक्सौल एयरपोर्ट का विकास न केवल बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को सुधारेगा, बल्कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और सामरिक निगरानी को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा।वहीं,नेपाल भारत सहयोग मंच ( नेपाल )के अध्यक्ष अशोक वैध,वीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के उपाध्यक्ष माधव राज पाल का कहना है कि इससे बोर्डर के साथ इंडो नेपाल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और आर्थिक,व्यापारिक समाजिक रिश्ते मजबूत होंगे।
