
रक्सौल।(Vor desk)।बिहार के सीमावर्ती शहर रक्सौल में शनिवार को आयकर विभाग ने एक साथ बड़ी कार्रवाई कर व्यापारिक जगत में खलबली मचा दी। शहर के दिग्गज व्यवसायी मोहम्मद कलीम को निशाने पर लेते हुए आयकर विभाग की संयुक्त टीमों ने उनके पैतृक आवास से लेकर शोरूम और सहयोगियों के ठिकानों तक, करीब 7जगहों पर एक साथ धावा बोला।इसके साथ शहर के विभिन्न चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के यहां भी सर्वे में टीम जुटी रही।सूचना के मुताबिक,टीम ने अलग अलग दस्तों में करीब16 ठिकानों पर दस्तक दी है।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच शुरू हुई यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही, जिसे रक्सौल के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी टैक्स रेड माना जा रहा है।
सुबह-सुबह जब शहर कोहरे की चादर में लिपटा था, तभी बिहार और झारखंड के नंबरों वाली दर्जन भर से अधिक गाड़ियों का काफिला रक्सौल पहुँचा। आयकर विभाग के अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से आदापुर प्रखंड के विष्णुपुरवा स्थित कलीम के पैतृक आवास और रक्सौल मुख्य मार्ग स्थित पंकज चौक के प्रतिष्ठानों की घेराबंदी कर ली। इसके साथ ही लक्ष्मीपुर स्थित बिके हीरो शोरूम और तनिष्क शोरूम में भी जांच टीमें दाखिल हुईं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए 50 से अधिक पुलिसकर्मियों और एसएसबी के जवानों को तैनात किया गया था, ताकि जांच के दौरान बाहरी हस्तक्षेप न हो सके।
जांच का दायरा केवल मोहम्मद कलीम के प्रतिष्ठानों तक ही सीमित नहीं रहा। विभाग ने उनके करीबियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और एकाउंटेंट के आवासों पर भी सर्वे और छापेमारी की। इसी क्रम में लक्ष्मीपुर करबोल रोड निवासी मोहम्मद जावेद और कोइरिया टोला निवासी मोहम्मद वसीम के घरों पर भी टीमें पहुँचीं, जहाँ दोनों ने व्यवसायी से अपने करीबी रिश्ते की बात स्वीकार की। छापेमारी में जमशेदपुर, मुजफ्फरपुर और पटना की टीमों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह मामला बड़े पैमाने पर वित्तीय हेरफेर या टैक्स चोरी से जुड़ा हो सकता है,हालाकि,इस बारे में यक़ीनन कुछ कहा नहीं जा सकता।
स्थानीय पुलिस प्रशासन भी इस पूरी कार्रवाई के दौरान सक्रिय रहा। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर स्थानीय थाना की टीमें लगातार गश्त करती रहीं और डीएसपी मनीष ने इस बड़ी छापेमारी के सूचना पुलिस को होने की पुष्टि की। लगभग 12 घंटे से अधिक समय तक चली इस मैराथन जांच में करोड़ों के टर्नओवर वाले दस्तावेजों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कागजातों को खंगाला गया है। हालांकि, आयकर विभाग के अधिकारियों ने अभी तक किसी भी प्रकार की नकद बरामदगी या विशिष्ट वित्तीय अनियमितता पर आधिकारिक बयान साझा नहीं किया है, लेकिन विभागीय हलकों में इस कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
