
रक्सौल।(Vor desk)। झारखंड की राजधानी राँची स्थित खेलगाँव में आयोजित इंटरनेशनल फुल कॉन्टैक्ट कराटे चैंपियनशिप में रक्सौल के एस.ए.वी. स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराया है। वर्ल्ड क्योकुशिन काई फेडरेशन, जापान से मान्यता प्राप्त और ऑल इंडिया क्योकुशिन काई कराटे फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, तिब्बत, चीन, जापान, लीबिया और फिलीपींस जैसे देशों के दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इतने देशों के प्रतिस्पर्धियों के बीच रक्सौल के इन बच्चों ने अपनी तकनीक और साहस से सबको प्रभावित किया और पदक जीतकर एक नया इतिहास रच दिया।
प्रतियोगिता के परिणामों में लड़कियों के वर्ग में सैदूल्लाह खान की पुत्री शालिका साम्या ने अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ब्लू कैटेगरी में श्रवण कुमार के पुत्र अनिकेत राज ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इसी तरह नौ से दस वर्ष के आयु वर्ग में श्रवण कुमार के पुत्र आदर्श राज ने प्रथम स्थान हासिल किया और तेरह से चौदह वर्ष के आयु वर्ग में श्यामा प्रसाद के पुत्र ऋषि राज ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का मान बढ़ाया। विदेशी खिलाड़ियों की कड़ी चुनौती के बावजूद इन बच्चों का निखरा हुआ प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत और कोच के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम रहा।
बच्चों के इस असाधारण प्रदर्शन से उत्साहित होकर स्कूल के निदेशक अशोक कुमार सिंह, अरविंद सिंह और प्रिंसिपल साइमन रेक्स ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शैक्षणिक वातावरण के साथ-साथ बच्चों को खेल की हर विधा में पारंगत करने के लिए निरंतर ईमानदार प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खिलाड़ियों की सफलता से भविष्य में शहर के अन्य बच्चों के बीच भी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के प्रति रुचि जागृत होगी।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर लायंस क्लब के अध्यक्ष बिमल कुमार सर्राफ ने प्रतिभागियों एवं स्कूल प्रबंधन की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। बधाई देने वालों में रजनीश प्रियदर्शी, शम्भु प्रसाद चौरसिया, म. निजामुद्दीन, पवन किशोर कुशवाहा, संजय गुप्ता, गणेश धानोठिया, बसंत जालान, अजय हिसारिया, अमित कुमार, विक्टर डेक्का एवं स्कूल के शिक्षकों सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे, जिन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
