Saturday, March 7

रक्सौल: भारत-नेपाल की ‘लाइफलाइन’ पर विधायक का एक्शन, कोइरिया टोला पुल पर मिट्टी भरा कर सुचारु कराया आवागमन!

रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाले रक्सौल के सबसे व्यस्ततम ‘कोइरिया टोला’ मुख्य मार्ग पर संवेदक की मनमानी और लापरवाही का अंत होता दिख रहा है। पिछले कई महीनों से निर्माण की कछुआ गति और एप्रोच पथ के अभाव में बंद पड़े हाई लेवल ब्रिज को लेकर क्षेत्रीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बुधवार को कड़ा रुख अख्तियार किया। जनता के भारी आक्रोश और आवागमन की गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक ने स्वयं मौके पर पहुँचकर मोर्चा संभाला और संवेदक को फटकार लगाते हुए पुल के दोनों ओर मिट्टी भराई का कार्य तत्काल शुरू करवाया।जिसके बाद पुल से आवाजाही सुचारू हो चला।पुल।सड़क से काफी ऊंचा है,इसलिए काफी दिक्कत थी।

​लापरवाही की पराकाष्ठा: मौत के बाद भी नहीं खुली थीं आँखें

​विदित हो कि इस महत्वपूर्ण पुल का निर्माण पिछले साल अप्रैल से ही चल रहा है। पुल का मुख्य ढांचा तैयार हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन सड़क के तल से पुल की अत्यधिक ऊंचाई होने के कारण एप्रोच पथ का निर्माण अनिवार्य था, जिसे संवेदक ने अधूरा छोड़ रखा था।पांच करोड़ के लागत से बन रहे पुल निर्माण में लापरवाही की कीमत एक बेतिया निवासी युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी, जिसकी सड़क दुर्घटना में मौत के बाद प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। बावजूद इसके, संवेदक ने कोई सुध नहीं ली। वर्तमान में बनाया गया डायवर्जन भी कच्ची मिट्टी का होने के कारण राहगीरों के लिए मौत का जाल बना हुआ था, जहाँ आए दिन वाहन पलटने की खबरें आ रही थीं।

​छह दिशाओं का केंद्र: गोलंबर की मांग ने पकड़ा जोर

​कोइरिया टोला का यह स्थल रक्सौल का हृदय स्थल माना जाता है, जहाँ छह अलग-अलग दिशाओं से आने वाली प्रमुख सड़कें मिलती हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण जंक्शन पर मात्र पुल बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यहाँ यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए एक आधुनिक गोलंबर (Roundabout) का निर्माण अति आवश्यक है। पुल निर्माण में हो रही देरी ने न केवल स्थानीय लोगों का जीना मुहाल किया है, बल्कि रक्सौल-वीरगंज के बीच होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही पर भी ब्रेक लगा दिया है।

​”जनता के हक से समझौता नहीं”: विधायक की दोटूक चेतावनी

​निरीक्षण के दौरान विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने नगर परिषद के अधिकारियों की मौजूदगी में संवेदक और संबंधित विभाग को दोटूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि संवेदक की कार्य के प्रति शिथिलता के कारण हजारों की आबादी नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। विधायक ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। उनके कड़े निर्देश के बाद मौके पर ही मशीनों को लगाकर पुल के दोनों तरफ मिट्टी भरने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि अब इस पुल को आम जनता के लिए जल्द से जल्द सुलभ बनाया जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोगों ने विधायक के इस कदम का स्वागत करते हुए पुल और गोलंबर के कार्य को अविलंब स्थाई रूप से पूर्ण करने की मांग दोहराई।

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