Saturday, March 7

रक्सौल स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप: निजी अस्पताल में मरीज ले जाने के मामले की जांच शुरू, विधायक प्रमोद सिन्हा ने औचक निरीक्षण कर कर्मियों को दी सख्त हिदायत

रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। रक्सौल अनुमंडल अस्पताल में गर्भवती मरीज को निजी नर्सिंग होम भेजने के गंभीर आरोप और उसके बाद उपजे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में प्रशासनिक सख्ती के बीच स्थानीय विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने बुधवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। एक तरफ जहाँ एसडीएम द्वारा गठित चार सदस्यीय विशेष जांच टीम ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि के कड़े रुख ने अस्पताल प्रशासन और बिचौलियों के बीच खलबली मचा दी है।

​विवाद की जड़ में वह घटना है जिसमें एक गर्भवती महिला कविता देवी को सरकारी अस्पताल से बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाने और परिजनो से दुर्व्यवहार का आरोप लगा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मनीष कुमार ने एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया, जिसने मंगलवार को अस्पताल पहुँचकर पीड़ित महिला के पिता का बयान दर्ज किया। जांच टीम की धमक से अस्पताल परिसर में दिन भर अफरा-तफरी का माहौल रहा। अधिकारियों ने चिकित्सकीय दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और उस समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ की भूमिका की सघन जांच शुरू कर दी है।

​इसी क्रम में बुधवार को विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने अस्पताल पहुँचकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन और पीएचसी प्रभारी डॉ. राजीव रंजन ,मेडिकल ऑफिसर विजय कुमार,बीएचएम आशीष कुमार समेत सभी चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ,नर्सें और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। विधायक ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल आने वाले हर मरीज के साथ सेवा और संवेदनशीलता का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी कर्मी मरीजों को निजी संस्थानों में भेजने के खेल में संलिप्त पाया गया, तो उस पर तत्काल और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​विधायक ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दलाली अक्षम्य है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि रक्सौल की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह स्वयं इसकी नियमित निगरानी करेंगे। प्रशासनिक जांच और विधायक के इस कड़े हस्तक्षेप से आम जनता में यह उम्मीद जगी है कि अब सरकारी अस्पताल में गरीबों को बिना किसी डर और बिचौलियों के हस्तक्षेप के बेहतर इलाज मिल सकेगा।मौके पर भाजपा नेता राकेश कुशवाहा,राजकिशोर ठाकुर,पार्षद रवि गुप्ता,इंद्रासन पटेल,कमलेश कुमार,प्रेम गुप्ता आदि उपस्थित थे।(रिपोर्ट:श्रेयांश कुमार बिट्टू /पीके गुप्ता)

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