Saturday, March 7

रक्सौल-पटना इंटरसिटी बहाल करने की मांग: रेल मंत्रालय को भेजा गया प्रतिवेदन, मोतिहारी के रास्ते नई ट्रेन चलाने पर जोर

रक्सौल।(Vor desk)। सीमावर्ती क्षेत्र के रेल यात्रियों की बढ़ती परेशानियों और ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन के बंद होने से उपजे आक्रोश के बीच, रेल मंत्रालय से एक नई ट्रेन शुरू करने की मांग की गई है। सुप्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ ने नववर्ष के अवसर पर 1 जनवरी को रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को एक विस्तृत प्रतिवेदन भेजकर रक्सौल से दानापुर के लिए वाया मोतिहारी एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस शुरू करने का आग्रह किया है।

​डॉ. शलभ ने अपने प्रतिवेदन में तकनीकी बदलावों के कारण आम जनता को हो रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने बताया कि रेलवे द्वारा स्लिप कोच की व्यवस्था समाप्त किए जाने के निर्देश के बाद रक्सौल-पाटलिपुत्र इंटरसिटी (15202/01) को बंद कर दिया गया था। इसके विकल्प के रूप में सीतामढ़ी होकर चलने वाली रक्सौल-दानापुर मेमू एक्सप्रेस (15515/16) शुरू की गई। लेकिन हाल के महीनों में इस ट्रेन का विस्तार पहले सुगौली और फिर नरकटियागंज तक कर दिए जाने से स्थिति बदतर हो गई है। ट्रेन के रक्सौल पहुंचने से पहले ही कोच पूरी तरह भर जाते हैं, जिससे रक्सौल, रामगढ़वा और आसपास के यात्रियों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही है।

​प्रतिवेदन में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि पुरानी इंटरसिटी सेवा इस क्षेत्र के छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता थी। रक्सौल और रामगढ़वा के छात्रों का परीक्षा केंद्र अक्सर जिला मुख्यालय मोतिहारी में होता है। साथ ही न्यायालय और अन्य सरकारी कार्यों के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी ट्रेन पर निर्भर रहते थे। सीतामढ़ी होकर जाने वाली ट्रेन कभी भी मोतिहारी रूट की इस ‘लाइफलाइन’ का विकल्प नहीं बन सकती।

​डॉ. शलभ ने रेलवे प्रशासन को अवगत कराया कि इस निर्णय से न केवल स्थानीय ग्रामीण आबादी बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के यात्री भी प्रभावित हो रहे हैं। जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मांग की है कि रक्सौल से दानापुर के लिए वाया मोतिहारी एक नई इंटरसिटी ट्रेन अविलंब आरंभ की जाए। इससे न केवल यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी, बल्कि समय की बचत के साथ-साथ जिला मुख्यालय और राजधानी तक का सफर सुलभ हो सकेगा। अब देखना यह है कि रेल मंत्रालय इस क्षेत्र की इस पुरानी और जायज मांग पर क्या रुख अपनाता है।

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