
रक्सौल।(Vor desk)। आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा सामाजिक सरोकारों की कड़ी में रक्सौल के श्री रामपुर में एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। स्थानीय मुखिया अशोक गुप्ता के आवास पर आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी सेहत की जांच कराई।शिविर के दौरान ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और सामान्य स्वास्थ्य की जांच पूरी तरह निःशुल्क की। इस दौरान अनुभवी चिकित्सकों ने लोगों को ठंड के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दी।
शिविर में मुख्य रूप से मौजूद भूतपूर्व सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र प्रसाद ने पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम उम्र की महिलाएं बिना किसी अनिवार्य कारण के बच्चेदानी का ऑपरेशन (हिस्टेरेक्टॉमी) करवा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि समय से पहले बच्चेदानी निकलवाने से आंखों की रोशनी कम होने, ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी), हार्मोनल असंतुलन और हार्ट की धड़कन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। डॉ. प्रसाद ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस चिकित्सीय कारण के बच्चेदानी निकलवाना भविष्य में डायबिटीज, कैंसर और किडनी रोगों के खतरे को भी बढ़ा देता है।
इसके साथ ही चिकित्सकों की टीम ने पाया कि चंपारण क्षेत्र में अधिकतर लोग ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाइयों का नियमित सेवन नहीं करते हैं, जो बेहद चिंताजनक है। डॉ. कुमार मनीष और डॉ. जितेन्द्र प्रसाद ने चेतावनी दी कि दवाइयों को बीच-बीच में छोड़ने या नियमित जांच न कराने से ही ठंड के दिनों में लकवा, ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ट्रस्ट की ओर से मरीजों को नियमित जांच और दवाइयों के अनुशासन के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए लोगों को ‘सीपीआर’ (कार्डियक अरेस्ट के बाद दी जाने वाली प्राथमिक चिकित्सा) की ट्रेनिंग भी दी गई।
आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव सह चिकित्सक डा कुमार मनीष ने बताया कि ट्रस्ट पिछले डेढ़ दशक से समाज के वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहा है और यह महा-अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। शनिवार को आयोजित इस कैंप में डॉ. कुमार मनीष, भूतपूर्व सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र प्रसाद, हेमंत कुमार, चंदन कुमार, मनीष मंडल, कन्हैया कुमार, सुभाष चौरसिया और मुखिया अशोक गुप्ता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
