
वीरगंज।(Vor desk)। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के महानिरीक्षक राजू अर्याल ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित अंतरराष्ट्रीय मैत्री पुल और उसके आसपास के क्षेत्रों में जारी सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वहां की स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के व्यवस्थित विकास पर विशेष बल दिया। महानिरीक्षक अर्याल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नेपाल-भारत सीमा न केवल एक सुरक्षा घेरा है, बल्कि यह देश की गरिमा और पहचान से जुड़ा संवेदनशील स्थल भी है। इसलिए यहां सुरक्षा प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरणीय सुंदरता और स्वच्छता का तालमेल बिठाना अनिवार्य है।
महानिरीक्षक ने सीमा क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और सार्वजनिक स्थानों के दीर्घकालीन संरक्षण की आवश्यकता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक बेहतर और स्वच्छ सीमा क्षेत्र के निर्माण के लिए सभी संबंधित निकायों के बीच निरंतर समन्वय जरूरी है। “हरियाली और प्रकृति का महत्व हमारे जीवन में अमूल्य है” के मूल मंत्र के साथ संचालित यह अभियान बीरगंज महानगरपालिका, ग्रीन सिटी सामुदायिक पुलिस सेवा केंद्र और सशस्त्र पुलिस बल के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इस पहल का उद्देश्य बीरगंज को एक पर्यावरण-अनुकूल और स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित करना है, जिससे स्थानीय समुदाय और आने-जाने वाले यात्रियों के बीच एक सकारात्मक संदेश जा सके।
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बीरगंज महानगर के मेयर राजेशमान सिंह सहित सशस्त्र पुलिस बल के एसपी पुरन चंद भट्ट और डीएसपी पुरुषोत्तम भंडारी भी मौजूद रहे। इस मौके पर रक्सौल के एसएसबी पदाधिकारियों और स्थानीय सामुदायिक पुलिस के प्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रीन सिटी के अध्यक्ष प्रकाश खेतान और अन्य विशेषज्ञों ने विश्वास व्यक्त किया कि सीमा क्षेत्र का सौंदर्यीकरण न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नागरिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस अभियान ने न केवल मैत्री पुल की भव्यता बढ़ाई है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास और स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना जागृत की है।
