
रक्सौल।(Vor desk)। सरहद की सुरक्षा में तैनात ‘सशस्त्र सीमा बल’ (SSB) ने शनिवार 20 दिसंबर को अपने गौरवशाली इतिहास के 62वें स्थापना दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर रक्सौल स्थित 47वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के मुख्यालय में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बल के साहस, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली।
महानिदेशक का संदेश और शौर्य का सम्मान
कार्यक्रम का शुभारंभ 47वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट (द्वितीय कमान अधिकारी) संजय रावत द्वारा किया गया। उन्होंने सर्वप्रथम परेड और उपस्थित बलकर्मियों के बीच महानिदेशक, एसएसबी का विशेष संदेश पढ़कर सुनाया। अपने संबोधन में उन्होंने बल की गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित किया। इसी कड़ी में, वाहिनी के उन जवानों को प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने बीते वर्ष अपने साहस, समर्पण और कड़ी मेहनत से असाधारण योगदान दिया है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने समां बांध दिया। वाहिनी के जवानों और ‘नृत्यांगना डांस एकेडमी’ के नन्हें कलाकारों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत और विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद बलकर्मियों के साथ-साथ उनके परिजनों और ‘संदीक्षा’ (एसएसबी महिला कल्याण समिति) की सदस्याओं ने भी उठाया। कार्यक्रम के अंत में कार्यवाहक कमांडेंट ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
’बड़ा खाना’ के साथ आपसी सद्भाव का संदेश
स्थापना दिवस समारोह का समापन पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ के साथ हुआ। इसमें अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, जो बल के भीतर आपसी भाईचारे और समानता के अटूट बंधन को दर्शाता है। इस अवसर पर वाहिनी के तमाम अधिकारीगण, मुख्य आरक्षी और अन्य कार्मिक भारी संख्या में उपस्थित रहे।
