
रक्सौल।(Vor desk)। स्वास्थ्य विभाग ने रक्सौल को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘नाइट ब्लड सर्वे’ (रात्रिकालीन रक्त नमूना शिविर) की शुरुआत की है। 18 दिसंबर से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत चिह्नित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें रात के समय सक्रिय होकर रक्त के नमूने एकत्र कर रही हैं। अभियान के पहले चरण में प्रखंड के गाद बहुअरी पंचायत में शिविर लगाया गया, जहां कुल 128 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि फाइलेरिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए यह सर्वे रक्सौल के गाद बहुअरी और धनगढ़वा कौड़ीहार क्षेत्र में किया जा रहा है। विभाग ने दोनों क्षेत्रों से कुल 300-300 नमूने लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने रात 8 बजे से तड़के 3 बजे तक शिविर संचालित किया।
चिकित्सकों के अनुसार, फाइलेरिया के कीटाणु (लार्वा) रात के समय ही मानव शरीर में सबसे अधिक सक्रिय होते हैं, इसीलिए यह सर्वे रात्रि में ही किया जाता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संक्रमित पाए जाने वाले लोगों को दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी और फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए गठित टीम में बीसीएम सुमित सिन्हा, एलटी दीप राज देव, नवीन कुमार, एसटीएस दीपक कुमार, परिवार नियोजन परामर्शी सौरभ मिश्रा, सीएचओ अर्चना कुमारी और आशा फैसिलेटर आभा कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
