
रक्सौल।(Vor desk)। भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने की प्रतिबद्धता के साथ भारत-नेपाल सीमा पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है। गुरुवार को पूर्वी चंपारण के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शरत चंद्र शर्मा और डब्ल्यूएचओ (WHO) के एसएमओ मनोज तुमराड़ा ने रक्सौल-वीरगंज मुख्य सड़क स्थित मैत्री पुल का दौरा कर अभियान की जमीनी हकीकत जानी। अधिकारियों ने सीमा पर तैनात ट्रांजिट टीमों की कार्यशैली पर संतोष व्यक्त किया और इस राष्ट्रीय कार्य में एसएसबी (SSB) के अधिकारियों व जवानों द्वारा दिए जा रहे सक्रिय सहयोग की खुले मन से सराहना की।

पड़ोसी देशों से खतरे को देखते हुए सीमा पर सतर्कता
निरीक्षण के दौरान डॉ. शरत चंद्र शर्मा ने कहा कि यद्यपि भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पाकिस्तान और ईरान जैसे पड़ोसी देशों में वायरस की मौजूदगी अभी भी एक चुनौती है। नेपाल के रास्ते आने-जाने वाले बच्चों के जरिए यह वायरस भारतीय सीमा में प्रवेश न कर सके, इसके लिए सीमा पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रांजिट पॉइंट पर एक भी बच्चा दवा पीने से वंचित न रहे।
60 हजार बच्चों को सुरक्षा चक्र में लाने का लक्ष्य
रक्सौल पीएचसी के प्रभारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने अभियान के व्यापक खाके की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार क्षेत्र के करीब 60 हजार बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस विशाल लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए कुल 136 विभिन्न टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर और सार्वजनिक स्थलों पर मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं।
एसएसबी हेडक्वार्टर में विशेष शिविर, जवानों ने पेश की मिसाल
अभियान के तहत रक्सौल के पनटोका स्थित एसएसबी 13वीं वाहिनी मुख्यालय में कार्यवाहक कमांडेंट संजय रावत के निर्देश पर एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। शिविर का औपचारिक शुभारंभ असिस्टेंट कमांडेंट मनोज भारती ने किया। इस दौरान एसएसबी के जवानों और अधिकारियों ने न केवल अपने 53 बच्चों को पोलियों की खुराक पिलवाई, बल्कि अन्य लोगों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।अधिकारियों ने बताया कि एसएसबी रेलवे और मैत्री पुल एरिया में खुद से पहल कर पोलियो टीम के सहयोग से बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिला रही है।
इस शिविर को सफल बनाने में यूनिसेफ के बीएमसी अनिल कुमार, डब्ल्यूएचओ के एफएम नूरुल सलाम, बीसीएम सुमित सिन्हा, एएनएम अनिता कुमारी और पोलियो सुपरवाइजर अशोक शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा बलों के इस साझा प्रयास ने सीमावर्ती क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक संदेश दिया है।
