
रक्सौल।(Vor desk)। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल के लक्ष्मीपुर स्थित एसआरपी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक ऐसा केस सामने आया जिसे देखकर अनुभवी डॉक्टर भी दंग रह गए। यहाँ वीरगंज,परसा नेपाल की रहने वाली एक 37 वर्षीया नेपाली महिला सोथी चौधरी के पेट का सफल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने 1 किलो 500 ग्राम वजनी बालों का गुच्छा निकाला है। यह महिला लंबे समय से पेट के असहनीय दर्द और भूख न लगने की समस्या से जूझ रही थी, लेकिन कई जगह इलाज के बावजूद मर्ज पकड़ में नहीं आ रहा था।
एसआरपी हॉस्पिटल के डायरेक्टर सह विख्यात सर्जन डॉ. सुजीत कुमार ने जब महिला की एंडोस्कोपी की, तो सच्चाई सामने आई। महिला के पेट में बालों का एक बड़ा और सख्त रोल जमा था। डॉ. कुमार ने बताया कि इस दुर्लभ बीमारी को ‘ट्राइकोबेज़ोआर’ कहा जाता है। यह मामला जितना चिकित्सा से जुड़ा है, उतना ही मानसिक स्वास्थ्य से भी। इसमें मरीज मनोवैज्ञानिक दबाव में अपने ही बाल नोचकर खाने लगता है। चूंकि बाल कभी पचते नहीं हैं, इसलिए वे पेट में जमा होकर धीरे-धीरे बेलनाकार पत्थर जैसे सख्त हो जाते हैं और पाचन तंत्र को पूरी तरह ठप कर देते हैं।
डॉ. सुजीत कुमार के अनुसार, पूरी दुनिया में इस बीमारी के अब तक मात्र 500 मामले ही दर्ज हुए हैं, जो कि वैश्विक आबादी का मात्र 0.4 प्रतिशत है। डॉ. कुमार के करियर का यह तीसरा ऐसा केस है। सफल ऑपरेशन के बाद अब महिला पूरी तरह खतरे से बाहर है। इस अनोखे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है कि कैसे एक अनजानी आदत जानलेवा साबित हो सकती है।
