
रक्सौल।(Vor desk)।पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल अनुमंडल अंतर्गत रामगढ़वा प्रखंड में अपराधियों ने एक बार फिर पुलिसिया इकबाल को चुनौती दी है। चंपापुर गांव के दक्षिण नहर इलाके में मंगलवार की देर रात हथियारबंद बदमाशों ने दो अलग-अलग घरों को निशाना बनाते हुए जमकर लूटपाट की। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब आधा दर्जन सशस्त्र अपराधी चंपापुर निवासी धनदेव साह और मुकेश महतो के घर में पीछे के रास्ते से दाखिल हुए। घर में घुसते ही बदमाशों ने हथियारों के बल पर गृहस्वामियों को अपने कब्जे में ले लिया और परिवार के अन्य सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना दिया। इसके बाद अपराधियों ने इत्मीनान से कीमती सामान और नकदी की लूटपाट की। पीड़ितों ने बताया कि जब कुछ अपराधी घर के अंदर तांडव मचा रहे थे, तब उनके कुछ साथी बाहर पहरा दे रहे थे ताकि कोई विरोध न कर सके।
सूत्रों ने बताया की पालदारी करने वाले मुकेश महतो ने
अपनी तीन बेटियों में से सबसे बड़ी बेटी (लगभग 13 वर्ष) की शादी के लिए जेवरात और बकरी बेचकर नकद राशि जमा की थी।
वहीं, चौकी शाह के पुत्र धनदेव साह, जो 12 वर्षों से होटल चला रहे हैं, के घर भी चोरी हुई। उनकी चार बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी अभी बाकी है।गिरोह शादी के लिए रखे गए जेवरात, नकदी और कपड़े ट्रंक और दो पेटियों सहित अन्य समान ले गया।
बताया गया कि आभूषणों के खाली डिब्बे घर के आसपास फेंके मिले। वहीं एक ट्रंक और एक पेटी कुछ दूरी पर खेत में मिली, जिसमें से जेवरात और नकदी गायब थे, केवल कुछ कपड़े ही बचे थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अपराधियों की शिनाख्त के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे चोरी की घटना से जोड़ कर देख रही है।हालाकि,एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गहन जांच शुरू हो गई है।स्थानीय लोगों का मानना है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है और कोहरा गहरा रहा है, अपराधी गिरोह सक्रिय हो गए हैं। घने कोहरे का फायदा उठाकर बदमाश आसानी से वारदातों को अंजाम देकर फरार हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रक्सौल क्षेत्र में लूटपाट की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 23 नवंबर की रात नोनियाडीह पंचायत के महदेवा गांव में संजीव सिंह उर्फ संजय सिंह के घर भी इसी अंदाज में डकैती हुई थी। बाद में समीप के एरिया से बम भी मिला था।उस वक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी हर किशोर राय और एसपी स्वर्ण प्रभात ने अलग अलग स्वयं घटनास्थल का दौरा किया था और जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। चंपापुर की ताजा घटना ने पुलिस की गश्ती और पुरानी वारदातों के अनुसंधान पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब पुलिस से रात में गश्ती बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
