
काठमांडू,15दिसंबर2025।(Vor desk)। नेपाल सरकार ने नेपाल-भारत वित्तीय लेन-देन और सीमापार आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद ने भारतीय ₹200 और ₹500 मूल्यवर्ग के नोटों को अब प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹25,000 (भारतीय मुद्रा) तक नेपाल और भारत के बीच सीमा पार ले जाने की आधिकारिक अनुमति प्रदान कर दी है।
यह सुविधा दोनों देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी, जिससे वे भारत से नेपाल में ये नोट ला सकते हैं या नेपाल से भारत ले जा सकते हैं। इस संबंध में सरकार के प्रवक्ता और संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री जगदीश खरेल ने आज मंत्रिमंडल के फैसले की घोषणा की।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यह नई व्यवस्था केवल उन भारतीय नोटों पर लागू होगी जो 9 नवंबर 2016 की तारीख के बाद जारी किए गए हैं, यानी केवल नई शृंखला के वैध नोट ही इस अनुमति के दायरे में आएंगे।
नेपाल सरकार का यह कदम भारत के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र के अनुपालन में है, जिसने ₹100 से ऊपर के भारतीय नोटों को नेपाल में उपयोग और आवागमन की हरी झंडी दी थी। आरबीआई की अनुमति के बाद, नेपाल सरकार ने अपने स्तर पर आवश्यक कानूनी और नियामक ढांचा स्थापित किया है।
दशकों से चले आ रहे ₹100 से अधिक मूल्यवर्ग के नोटों पर सख्त प्रतिबंधों को शिथिल करने वाला यह निर्णय, सीमा पार व्यापारिक गतिविधियों, पर्यटन क्षेत्र के विकास और नेपाल में कार्यरत भारतीय एवं नेपाली श्रमिकों के लिए आर्थिक लेनदेन को अत्यंत सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है। यह फैसला भारतीय पर्यटकों को नेपाल यात्रा के दौरान उच्च मूल्य के नोटों को रखने की परेशानी से मुक्त करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को नया आयाम मिलेगा।
किन नोटों का होगा उपयोग
भारत में वर्तमान में 100, 200 और 500 रुपये के नोट चलन में है। 2000 रुपये के नोटों की छपाई 2023 से बंद हो चुकी है। नए प्रावधान से नेपाल में 200 और 500 रुपये के नोटों के एक्सचेंज की सुविधा मिलेगी। 2016 में भारत सरकार द्वारा पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद नेपाल में भारतीय मुद्रा के एक्सचेंज और उपयोग को लेकर कई दिक्कतें बनी रहीं। इसी कारण नेपाल राष्ट्र बैंक ने 100 रुपये से ऊपर के भारतीय नोटों पर रोक लगा दी थी।
अब 25 हजार रुपये तक ले जाने की अनुमति
भारत ने नेपाल और भूटान में 25,000 रुपये तक भारतीय मुद्रा ले जाने को मंजूरी दे दी है। पहले नियम केवल बाहर ले जाने की अनुमति देते थे, लेकिन देश में वापस लाने की नहीं। नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने बताया कि यह नया प्रावधान भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिकों के लिए सुविधाजनक होगा। इसमें नेपाल आने वाले भारतीय पर्यटकों, भारत जाने वाले नेपाली नागरिकों और दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को इससे राहत मिलेगी। नई व्यवस्था से यात्रियों, व्यापारियों और सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मुद्रा विनिमय प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी
