
रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। (Vor desk)। पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत फरार चल रहे अभियुक्तों के घरों की कुर्की-ज़ब्ती की जा रही है। यह कार्रवाई न्यायालय के सख्त आदेशों के बाद अमल में लाई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक की सीधी निगरानी में अभियान
इस महत्वपूर्ण अभियान की स्वयं पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात निगरानी कर रहे हैं। रविवार को रामगढ़वा के मनना बेलहिया गांव में इसी तरह की कारवाई में पुलिस टीम ने कुर्की जब्ती की। एसपी की प्रत्यक्ष मौजूदगी में फरार नशा कारोबारियों के घरों को कुर्क करने की करवाई स्पष्ट संदेश दे रही है कि अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा। यह कार्रवाई जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

लंबे समय से फरार अभियुक्तों पर शिकंजा
एसपी स्वर्ण प्रभात ने मीडिया को बताया कि जो अभियुक्त लंबे समय से न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं और कानून से भाग रहे हैं, उनके खिलाफ अब सख्त से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति को कुर्क कर कानून का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि जिले में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाए।”
आत्मसमर्पण की अंतिम चेतावनी
पुलिस अधीक्षक ने नशे के कारोबार से जुड़े सभी फरार अभियुक्तों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द न्यायालय में आत्मसमर्पण करें। उन्होंने साफ किया कि ऐसा न करने पर उनके खिलाफ और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी प्रभात ने एक बार फिर दोहराया कि पुलिस प्रशासन जिले को नशामुक्त बनाने के लिए पूर्ण रूप से कटिबद्ध है और नशे के कारोबार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई से हड़कंप, कई आरोपी फरार
इस व्यापक कार्रवाई से नशे के कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है। सूचना मिली है कि कई आरोपी अपने घरों को छोड़कर फरार हो गए हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में अब तक 200 से अधिक नशा कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। न्यायालय से कुर्की के आदेश प्राप्त होते ही फरार अभियुक्तों के घरों और संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है, जो जिले में अपराध नियंत्रण के लिए एक ठोस कदम है।
