
रक्सौल, पूर्वी चंपारण।(Vor desk)।:
पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले कद्दावर नेता और पूर्व विधायक राजनंदन राय को उनकी 15वीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किया गया। रक्सौल स्थित कर्पूरी आश्रम में आयोजित एक भावपूर्ण समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जहाँ उपस्थित जनसमूह ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर अपनी स्मृतियों को ताजा किया।
‘गरीबों के मसीहा’ का विराट व्यक्तित्व
राजनंदन राय न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ थे, बल्कि उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ और ‘गुदड़ी के लाल’, के रूप में भी जाना जाता था। उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता थी—सादगी और जनसेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण। वक्ताओं ने याद किया कि वे क्षेत्र के हर वर्ग के लोगों के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहते थे। उनकी राजनीति सत्ता की नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा की थी। रक्सौल को अनुमंडल का दर्ज दिलाने, रक्सौल में सूर्य मंदिर की स्थापना,कर्पूरी आश्रम,नंदन मार्केट,जेपी मार्केट सहित कई मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स स्थापना में उनका योगदान था।
रक्सौल की नुमाइंदगी: एक स्वर्णिम दशक (1990-2000)
राजनंदन राय ने लगातार दो बार (1990 से 2000 तक) रक्सौल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उनके इस स्वर्णिम दशक को उनके कृतित्व के लिए याद किया जाता है। उन्होंने केवल विधानसभा में ही रक्सौल की आवाज़ बुलंद नहीं की, बल्कि ज़मीनी स्तर पर विकास कार्यों और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास किए।उनकी भरपाई आज तक नहीं हो सकी।
समारोह में उपस्थित राजनीतिज्ञों, समाजसेवियों और उनके समर्थकों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके पुत्र और राजद के क्षेत्रीय नेता प्रमोद राय के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में, राजनंदन राय की सेवाओं और दूरदर्शी सोच को याद करते हुए, उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक राजनंदन राय आज भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन रक्सौल के जनमानस और राजनीतिक इतिहास में उनका नाम एक ऐसे प्रेरणास्रोत के रूप में हमेशा जीवित रहेगा, जिसने जनसेवा को ही राजनीति का मूल धर्म माना।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि ,किया याद
मौके पर आदापुर प्रखंड के उप प्रमुख मोहम्मद असलम ,नरेंद्र प्रसाद,महागठबंधन के नेता हफिज अंसारी,शशि भूषण सिंह,नुरुल्लाह खान,प्रेम यादव,,मुबारक अंसारी,
सरफुद्दीन आलम,मदन प्रसाद(पूर्व मुखिया),पूर्णिमा भारती,हरिंद्र यादव खलीफा,मृणाल किशोर,विजय यादव,फखरुद्दीन आलम,सौरंजन यादव,सुनील कुशवाहा,सुभाष यादव,सुधन यादव,सैफुल आजम,चंचल यादव,सच्चिदानंद सिंह,राजेंद्र यादव,गणेश झा,गणेश प्रसाद,रामानन्द यादव,भोला गुप्ता,सुनील उपाध्याय,राम स्वरूप गुप्ता,राम बालक साह,अवधेश यादव,रामशंकर यादव,संजय यादव,कृष्णा प्रसाद गुप्ता,ओम प्रकाश दास,गोपाल राय,मोहम्मद असलम,रोहित कुमार
अवधेश जी शिक्षक,संजय पटेल,अरविंद यादव,रामधार यादव खलिफा ,चंद्रेश्वर यादव,संतोष दास ,मोहम्मद नसीर,जावीर आदि उपस्थित रहे।
