
घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिलेगा नया जीवन
रक्सौल।(Vor desk)। रक्सौल सहित सीमा क्षेत्र की पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, कानूनी सहायता और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाने के लिए “स्वच्छ रक्सौल” द्वारा संचालित “महिला प्रशिक्षण केंद्र सह शेल्टर होम” का विधिवत उद्घाटन किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार ने फीता काटकर इस महत्वपूर्ण केंद्र का शुभारंभ किया, जो सामाजिक उपेक्षा और मानसिक तनाव से जूझ रही महिलाओं के लिए एक ‘आशा की किरण’ बनेगा।
केंद्र की आवश्यकता पर प्रकाश
उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने समाज की उन कड़वी सच्चाइयों पर चर्चा की, जिसके चलते कई महिलाएं आज भी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। खासकर, रेहाना खातून (रक्सौल रेलवे स्टेशन पर मिलीं), ससुरालजनों द्वारा प्रताड़ित मरियम, और पति द्वारा मारपीट कर घर से निकाली गईं रेणु कुमारी जैसी पीड़ित महिलाओं की दर्दनाक कहानियों पर बात की गई, जिन्होंने इस केंद्र की महत्ता को रेखांकित किया।
उद्देश्य: आश्रय, कौशल और पुनर्वास
इस शेल्टर होम का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न केवल एक सुरक्षित छत प्रदान करना है, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना भी है। केंद्र घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के परिजनों से सामंजस्य स्थापित कर उनका सफल पुनर्वास कराएगा, ताकि वे समाज में एक सम्मानजनक और सशक्त जीवन जी सकें।
स्वच्छ रक्सौल का संकल्प
“स्वच्छ रक्सौल” के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस पहल के पीछे की भावना को स्पष्ट करते हुए कहा, “ये महिलाएं हमारी-आपकी बहन-बेटियाँ हैं। इन्हें सम्मानपूर्वक जीवन देने के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे। जो लोग इन्हें प्रताड़ित करते हैं, हम उन्हें इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर करारा जवाब देंगे।”
कार्यक्रम में विमल सर्राफ, सुरेश साह, पंकज रूंगटा, राज कुमार, अमलेश श्रीवास्तव, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मनीष कुमार, पार्वती तिवारी, कृष्ण आनंद, फायर ऑफिसर पवन कुमार, जीआरपी प्रभारी, एसएसबी इंस्पेक्टर विकास कुमार सहित कई सम्मानित अतिथिगण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस नेक कार्य के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह केंद्र रक्सौल में नारी सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
