
रक्सौल ।(Vor desk)।सशस्त्र सीमा बल (SSB) की मानव तस्करी रोधी इकाई (AHTU) और प्रयास जैक सोसाइटी (NGO) ने भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल बॉर्डर के मैत्री पुल पर एक बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने संदेह के आधार पर एक व्यक्ति और बुर्का पहनी नाबालिग लड़की को रोका। व्यक्ति की पहचान पश्चिमी चंपारण, बिहार निवासी मोहम्मद अजमुल्लाह अली के रूप में हुई, जिसने लड़की का नाम सलीमा बेगम बताकर गुमराह करने की कोशिश की।
गहन पूछताछ में पता चला कि लड़की हिंदू समुदाय की सोनी कुमारी (काल्पनिक नाम) है, जिसे अजमुल्लाह अली ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेमजाल में फंसाया। 13 नवंबर 2025 को, वह उसे उसके घर से भगाकर गुरुग्राम (हरियाणा) ले गया, जहां उसने शादी और नौकरी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया और उसे इस्लाम धर्म अपनाने तथा बुर्का पहनने के लिए मजबूर किया। नाबालिग के परिजनों द्वारा अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद पुलिस से बचने के लिए, पहले दुबई में काम कर चुका अजमुल्लाह, लड़की को नेपाल ले जाने की फिराक में था। अधिकारियों के मुताबिक,यह पूरा मामला सोची-समझी साजिश और मानव तस्करी का प्रतीत होता है।
इस कार्रवाई में AHTU टीम से इंस्पेक्टर विकास कुमार, खेमराज, विभा कुमारी, लाभा पी, के इंद्रा, सदर मोनिका और प्रयास जैक सोसाइटी से जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता शामिल थे। नाबालिग सोनी कुमारी और आरोपी मोहम्मद अजमुल्लाह अली को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरैया पुलिस स्टेशन, रक्सौल को सौंप दिया गया है।
