Saturday, March 7

सनसनीखेज खुलासा: VIP नेता कामेश्वर सहनी हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, सौतेली माँ-बेटे ने ही रची थी खूनी साजिश; सुपारी किलर से कराया कत्ल!

​छौड़ादानो/मोतिहारी। मोतिहारी पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर ही छौड़ादानो के तीनकोनी गांव में हुए वीआईपी (VIP) नेता कामेश्वर सहनी हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। राजनीतिक हत्या का रंग देने की तमाम कोशिशों के बावजूद, एसपी के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के बल पर हत्या के पीछे की पारिवारिक रंजिश को उजागर कर दिया।


​💔 पुरानी रंजिश और सौतेली माँ का साथ, बेटा बना हत्यारा

​पुलिस जांच में जो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, वह यह था कि मृतक कामेश्वर सहनी के सगे बेटे सावन कुमार और उनकी सौतेली पत्नी (मृतक की दूसरी पत्नी) सोनी निषाद ने मिलकर सुपारी किलर के सहयोग से इस अपराध को अंजाम दिया।ब्लाइंड लव स्टोरी के तहत दोनों ने रास्ते का कांटे हटाने के लिए हत्या की प्लानिंग कर डाली।

पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि मृतक की दो शादियां हुई थीं।15 साल पहले पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी अपने छोटे भाई की साली सोनी निषाद से की थी।पहली पत्नी से दो बेटे सावन निषाद (20 वर्ष) व संजीव निषाद (16) हैं। जबकि दूसरी पत्नी से एक पुत्र समर निषाद (10) है।बड़े बेटे सावन निषाद का मृतक कामेश्वर सहनी की दूसरी पत्नी सोनी निषाद से अंतरंग संबंध था।वहीं मृतक का अपने बेटे सावन से भी संबंध अच्छा नहीं था। दोनों के बीच झगड़ा होता रहता थी।कुछ दिनों पहले ही कामेश्वर साहनी ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था,जिसके बाद मारपीट हुई थी और घर से निकालने की धमकी दी थी। इन्हीं वजहों से सोनी व सावन निषाद ने कामेश्वर सहनी को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बनाया प्लान में गांव के ही विकास कुमार, मन्नू कुमार व शैलेश सिंह को शामिल कर हत्या को अंजाम दिया।विकास, मन्नू व शैलेश सिंह का भी मृतक कामेश्वर सहनी से पहले से रंजिश थी। इसलिए वे लोग भी इसमें शामिल हो गये और 21 नवंबर को कामेश्वर सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी।पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार विकास कुमार ने बताया कि, कामेश्वर सहनी के सिर में उसके बेटे सावन कुमार ने ही दो फुट की दूरी से पिस्तौल की कई गोलियां दाग दी।विकास ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल मन्नू कुमार ने उपलब्ध करायी थी।


​एसडीपीओ रक्सौल मनीष आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दरपा थाना अंतर्गत दिनांक 21 नवंबर 2025 को घटित कामेश्वर सहनी की हत्या के संबंध में दर्ज दरपा थाना कांड संख्या 293/2025, धारा 103/61(2) बी०एन०एक्ट एवं 27 आर्म्स एक्ट का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया गया है।

घटना के उद्भेदन हेतु एसपी के निर्देश पर विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया, जिसमें STF, FSL, और DOG SQUAD की सहायता ली गई। SIT ने त्वरित वैज्ञानिक अनुसंधान और महत्वपूर्ण साक्ष्य (Circumstantial Evidence) को रिकवर किया।

उन्होंने बताया कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर प्राथमिकी अभियुक्त विकास कुमार को आदापुर के श्यामपुर चौक से गिरफ्तार किया गया। विकास ने पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा किया, जिसके बाद मृतक का बेटा सावन कुमार और पत्नी सोनी निषाद ,सुपारी किलर मुन्नू कुमार,शैलेश सिंह की संलिप्तता स्पष्ट हो गई।विकास के बयान के आधार पर
​मृतक का बेटा सावन निषाद तथा परिवादिनी पत्नी सोनी निषाद को भी विधिवत गिरफ्तार किया गया।
​घटना में प्रयुक्त पिस्तौल को सावन निषाद के घर से बरामद किया गया।


​पुलिस के अनुसार, हत्या की मुख्य वजह वर्षों पुरानी पारिवारिक रंजिश थी। कामेश्वर सहनी ने सालों पहले अपनी पहली पत्नी की हत्या कर दी थी, जिसके चलते उनके बेटे सावन के मन में पिता के प्रति गहरी नफरत थी। इसी नफरत ने उसे सौतेली माँ के साथ मिलकर सुपारी किलर से पिता की हत्या करवाने पर मजबूर कर दिया।

बताते चलें कि कामेश्वर सहनी भी आपराधिक पृष्ठभूमि का था।उसपर पहले से दरपा, छौड़ादानो व घोड़ासहन थानों में उसके विरुद्ध कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।नेपाल के बारा जिले के कलैया में एक स्कूल प्रिंसिपल की हत्या तथा कलैया मे ही दरपा थाने के सुखलहिंया गांव निवासी सुजीत कुमार की हत्या के मामले में उसके विरुद्ध दो मुकदमे दर्ज हैं।

​🔫 हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल
बरामद, सभी आरोपी गिरफ्तार

​मोतिहारी पुलिस की तत्परता का आलम यह रहा कि देर रात की गई छापेमारी में घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी मृतक के बेटे सावन कुमार के घर से बरामद कर ली गई।वहां से पिस्टल के साथ चार जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ। गहन पूछताछ के बाद सभी आरोपितों—सौतेली माँ सोनी निषाद, बेटे सावन कुमार और विकास कुमार को न्यायिक हिरासत में मोतिहारी भेज दिया गया।
​एसडीपीओ रक्सौल मनीष आनंद ने दरपा थाना परिसर में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने तेजी से इस मामले की परतें खोलीं। दरपा थाना कांड संख्या 293/25 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।साथ ही कांड में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सघन छापेमारी जारी है।

एसआईटी में शामिल अधिकारियों ने पाई सफलता
​एसआइटी में एसडीपीओ रक्सौल मनीष आनंद, एसआई रंजन कुमार, थानाध्यक्ष दरपा अनिश कुमार, अपर थानाध्यक्ष शुभम कुमारी, एसआई अनुज कुमार, थानाध्यक्ष छौड़ादानो प्रभात कुमार, थानाध्यक्ष आदापुर पप्पू पासवान के साथ तकनीकी शाखा के ब्रजेश कुमार, अमरजीत कुमार और सौरभ कुमार शामिल थे,जिन्होंने इस सफलता को हासिल कर मामले का उद्भेदन कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!