
रक्सौल।(Vor desk)।जोश और जुनून के साथ रक्सौल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रक्सौल नगर क्षेत्र में महागठबंधन प्रत्याशी श्याम बिहारी प्रसाद के पक्ष में एक विशाल जनसंपर्क और नगर भ्रमण कार्यक्रम संपन्न हुआ। चुनावी मैदान में अपने चाचा श्याम बिहारी प्रसाद को प्रचंड जीत दिलाने के लिए, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्व.बृज बिहारी प्रसाद की सुपुत्री और हाईकोर्ट की एडवोकेट रागिनी गुप्ता सड़क पर उतरीं, जहां उनके साथ श्याम बिहारी प्रसाद के पुत्र मनीष किशोर और चंदन किशोर ने भी कदम से कदम मिलाया।
जनसैलाब से सीधे मुखातिब होते हुए, रागिनी गुप्ता ने लोगों से 11 नवंबर को क्रमांक संख्या 2 पर ‘हाथ छाप’ बटन दबाकर श्याम बिहारी प्रसाद को भारी मतों से विजयी बनाने का पुरजोर आह्वान किया।

इस दौरान रागिनी गुप्ता ने क्रांतिकारी संबोधन में आम जनों से आह्वान करते हुए जोरदार ढंग से कहा कि चंपारण केवल इतिहास की नहीं, बल्कि बदलाव की धरती है, और इस बार बदलाव होकर रहेगा। उन्होंने स्पष्ट लफ्जों में कहा कि अब वह दौर नहीं रहा जब ‘कमल छाप’ से कोई भी आए और बिना काम किए चुनाव जीत जाए। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता काम करने वाले परिवार, ऐसे कर्मठ व्यक्ति को जिताएगी, जो मंत्री हो या चुनाव हार जाए, फिर भी अपने क्षेत्र में डटा रहा, जनता के हर दुःख-सुख, शादी-ब्याह और श्राद्ध में शामिल रहा।
क्षेत्र की बदहाली पर दुःख व्यक्त करते हुए रागिनी गुप्ता ने कहा कि वह मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और शिवहर तक जा चुकी हैं, लेकिन रक्सौल की हालत सबसे बदतर है—यहां तक कि सड़कें भी चलने लायक नहीं हैं। उन्होंने संकल्प भरे स्वर में कहा कि इस बार जीत किसी चिह्न या पार्टी की नहीं होगी, बल्कि जनता के बीच के प्रत्याशी की होगी।हाथ छाप जीतेगा, रक्सौल बदलेगा।
इस दौरान, भाजपा के बागी नेता महेश अग्रवाल ने भी आम जनों से एक बार कांग्रेस को मौका देने और रक्सौल के हक-हित में बदलाव करने का आह्वान किया।
इस नगर भ्रमण में समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह फूलों की वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक भ्रमण का नेतृत्व पूर्व प्रमुख संतोष कुमार उर्फ पप्पू, नूरुल हसन, पूर्व वार्ड आयुक्त अशोक अग्रवाल, शशिभूषण सिंह, वार्ड पार्षद सोनू गुप्ता, ध्रुव सर्राफ, दिनेश गुप्ता, दीपक गुप्ता,छोटे लाल चौरसिया, भोला शास्त्री, ओम ठाकुर, दीपक कुमार गोल्डन, गणेश झा, रमेश सर्राफ, पुरूषोतम सर्राफ, देश बन्धु गुप्ता और प्रमोद गुप्ता जैसे दर्जनों स्थानीय कद्दावर नेताओं और समर्थकों ने किया, जो महागठबंधन के पक्ष में एक मजबूत माहौल बनाते दिख रहे थे।
