
रक्सौल। पूर्वी चंपारण।(Vor desk)।: बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के अंतिम और निर्णायक चरण में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती चंपारण क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। जिले की रक्सौल (10), सुगौली (11) और नरकटिया (12) विधानसभा सीटों, जहाँ 11 नवंबर को द्वितीय चरण का मतदान होना है, की संवेदनशीलता को देखते हुए आज 5 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
व्यय प्रेक्षक गुलज़ार वाणी अहमद ने 47वीं एसएसबी बटालियन के कैंप में आयोजित इस उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह क्षेत्र नेपाल की सीमा से सटा होने के कारण चुनाव को प्रभावित करने वाले कारकों और अवैध गतिविधियों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिसमें कई मतदान केंद्र अति संवेदनशील या संवेदनशील श्रेणी में आते हैं।
बैठक में एसएसबी डीआईजी सुरेश सुब्रह्मण्यम,एसएसबी कमांडेंट संजय पांडे, डिप्टी कमांडेंट खेम राज,नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्थानीय प्रशासन से एसडीएम मनीष कुमार और एसडीपीओ मनीष आनंद जैसे प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। प्रेक्षक श्री अहमद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव से ठीक 72 घंटे पहले ही अंतर्राष्ट्रीय इंडो-नेपाल बॉर्डर को पूरी तरह सील करने की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जाए।
समीक्षा के दौरान, बॉर्डर पार से होने वाली तस्करी को रोकने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें ड्रग्स, अवैध शराब, गांजा ,, आर्म्स और महंगी धातुओं के प्रवाह पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने हेतु की गई तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) और स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) को सीमावर्ती सड़कों और चेक पॉइंट्स पर अपनी निगरानी और कार्यप्रणाली को अभूतपूर्व रूप से अधिक प्रभावी बनाने के लिए निर्देशित किया गया, ताकि 11 नवंबर के मतदान को भयमुक्त और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराया जा सके।अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती चंपारण में निष्पक्ष और भय मुक्त चुनाव के लिए प्रशासन पूरी तरह संकल्पित है।
