
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार चुनाव के मद्देनजर रक्सौल से सटे नेपाल के वीरगंज बॉर्डर पर कड़ी निगरानी और जांच शुरू कर दी गई है। इसी सख्ती के बीच, वीरगंज के शंकराचार्य गेट पर लौटने के दौरान नई एंट्री और व्यक्तिगत जानकारी देने की व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
राजद नेता को रोककर मांगी गई जानकारी
घटना के केंद्र में राजद नेता और रक्सौल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी राम बाबू यादव रहे। नेपाली पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर वाहन के नंबर, कागजात (पेपर) के साथ-साथ वाहन में सवार प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी (इंट्री और डिटेल) देने की मांग की। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसने जल्द ही हंगामे का रूप ले लिया।नेपाली पुलिसकर्मी राम विशेष ठाकुर से राजद नेता की तीखी बहस हुई और कथित तौर पर हाथापाई तक की नौबत आ गई। श्री यादव ने पुलिस अधिकारियों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए, बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी और उच्चाधिकारियों से शिकायत की बात कही। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला और भी तूल पकड़ गया।
राजद नेता की आपत्ति और शिकायत
राजद नेता राम बाबू यादव ने इस नई व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर भारतीय महा वाणिज्य दूतावास और नेपाल पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक वीरगंज में पहले से ही कस्टम इंट्री और भंसार कटाकर जाते हैं और कई चक्र की जांच से गुजरते हैं। लौटने वाले वाहनों की इंट्री तक तो ठीक है, लेकिन ‘एक-एक आदमी का विवरण देना, कौन वहां रह गया, कौन आया’, इस तरह की इंट्री कराना अनुचित है। उन्होंने बेवजह रोककर तंग करने और दुर्व्यवहार करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नित नई व्यवस्था थोपकर भारतीय नागरिकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है, जिससे भारत-नेपाल रिश्तों पर बुरा असर पड़ेगा। श्री यादव ने दावा किया कि यह समस्या केवल उनके साथ नहीं थी, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी शिकायतें की और वे वहां परेशान दिखे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो नेपाल कस्टम से ही वापस आ रहा है, उसे कागज़ छूट जाने या इंट्री न होने के नाम पर बेवजह क्यों परेशान किया जा रहा है।
इधर, मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों का कहना था कि यह नई व्यवस्था इसलिए शुरू की गई है, ताकि शराब की तस्करी और अवांछित संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा सके।फिलहाल,बॉर्डर पर नेपाली सुरक्षाकर्मियों के रवैया से नाराजगी बढ़ रही है।वीरगंज कस्टम एरिया में भी जांच प्रक्रिया को जटिल और उबाऊ बना कर लोगों को इंट्री दी जा रही है।
