
रक्सौल।(Vor desk)। इस बार रक्सौल की चुनावी फिजा बदली बदली सी है।यहां भाजपा के खिलाफ राजद कैंडिडेट देती रही है।लगातार दूसरी बार कांग्रेस चुनाव लड़ रही है।पिछले बार कांग्रेस के उम्मीदवार राम बाबू यादव दूसरे नंबर पर थे और राजद के बागी प्रत्याशी सुरेश यादव तीसरे नंबर पर थे।इस बार दोनों नेता चुनाव मैदान से बाहर हैं।लेकिन,फिजा इस मामले में बदली हुई है कि इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद हैं।उनके समर्थन में राजद नेता सुरेश यादव उतर कर मोर्चा संभालते दिख रहे हैं।बसपा के पूर्व प्रत्याशी डॉ अजय कुमार सिंह तो पहले ही समर्थन दे चुके हैं और यदा कदा चुनाव प्रचार में दिख भी रहे हैं।नई बात यह रही है कि महागठबंधन के पूर्व प्रत्याशी सुरेश यादव ने सोमवार को रक्सौल के कौड़ीहार चौक स्थित राजद अनुमंडल कार्यालय में महागठबंधन कार्यकर्ता सम्मेलन सह जन आशीर्वाद कार्यक्रम का आयोजन किया।इसमें बतौर मुख्य अतिथि महागठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी श्याम बिहारी प्रसाद मौजूद रहे। इस दौरान महागठबंधन के वरिष्ठ सभी नेता एवं कार्यकर्ताओ ने चुनाव के रणनीति पर गहन चर्चा की और जीत के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।एनडीए प्रत्याशी प्रमोद सिन्हा को कड़ी टक्कर दे रहे महागठबंधन प्रत्याशी श्याम बिहारी ने सभी से सहयोग समर्थन की अपील भी की।

उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि मैं विधायक बनूंगा तो कोई ऐसा काम नहीं करूंगा , जिससे कि जनता में निराशा और आक्रोश उत्पन्न हो।हालाकि,इस मंच पर बात चुनावी चर्चा से आमने सामने के मोर्चा में बदल गया।मंच पर उपस्थित महेश अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि लड़ाई कंस और कृष्ण के बीच है।आपको तय करना है कि आप कंस के साथ रहेंगे या कृष्ण के साथ!उन्होंने श्याम बिहारी प्रसाद को कृष्ण बता कर चुनावी सरगर्मी बढ़ा दी।महेश अग्रवाल खुद भाजपा में उम्मीदवारी के रेस में थे।उनके तेवर की खूब चर्चा शुरू हो गई।इसी मंच से ‘महा जुटान’को आगे बढ़ाते हुए अपने संबोधन में महागठबंधन नेता सह पूर्व प्रत्याशी सुरेश यादव ने अपने माता का हुआ अपमान का बदला लेने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से हुंकार भरते हुए निवर्तमान विधायक सह भाजपा प्रत्याशी प्रमोद सिन्हा पर खूब निशाना साधा।एक एक पहलू की चर्चा करते यह बताया कि कैसे लोकतंत्र में एक जीते हुए प्रतिनिधि यानी सभापति धुरपति देवी को विधायक- सांसद और कार्यपालक पदाधिकारी की मिलीभगत से गलत तरीके से बदनाम कर जबरदस्ती पद से हटाने का संयंत्र हुआ,जबकि वे निर्दोष हैं।कैसे ईओ मनीष कुमार को मोहरा बना कर विकास कार्य मे अड़चन डाली गई।उन्होंने कहा कि माता के सम्मान में मै महागठबंधन के संग मैदान में हैं।हमें पूरा भरोसा है कि न्यायालय से हमें न्याय मिलेगा।इसके बाद श्री यादव की मां और नगर परिषद की निवर्तमान सभापति धुरपति देवी भी मंच पर मोर्चा संभाला। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आम जनों से पूछ कर जीत के आशीर्वाद के साथ कांग्रेस के प्रत्याशी श्याम बिहारी प्रसाद को जीत की माला पहनाई और दही और गुड़ से उनका मुंह मीठा कराया।

तालियों,जयकारों के बीच वहीं से ‘अग्रिम विजय श्री’ का उद्घोष किया गया।इस मंच पर नगर परिषद के पूर्व उप सभापति काशी नाथ प्रसाद के साथ ही बतौर कम्युनिस्ट नेता नगर परिषद के भूतपूर्व प्रधान सहायक चंद्रशेखर सिंह की जुटान भी चर्चे में रही।मंच से राजद नेता सुनील कुशवाहा ने वर्तमान विधायक को विकास विरोधी विधायक बताया और कहा कि रक्सौल में इस बार परिवर्तन तय है।कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं सुरेश यादव ने किया और संचालक प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मनोरंजन तिवारी जी ने किया।इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व प्रत्याशी कपिलदेव राय, पूर्व वार्ड पार्षद अशोक अग्रवाल,वार्ड पार्षद घनश्याम प्रसाद,राजद नेता राम इकबाल राय, आदापुर के उप प्रमुख मोहम्मद असलम, आदापुर के पूर्व प्रमुख नूरुल हसन , प्रखंड अध्यक्ष सौरंजन यादव(रक्सौल) ,मुबारक अंसारी(आदापुर), सरफुद्दीन आलम, एनामुल हक,पुनीत लाल यादव, दुर्गेश कुमार ,गुड्डू यादव, ,राजद नेता सैफुल आजम, फखरुद्दीन आलम, कांग्रेस महिला अध्यक्ष अंजनी गुप्ता, कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बृज भूषण पांडे,कांग्रेस नगर अध्यक्ष छोटेलाल चौरसिया, पूर्व मुखिया राम विनय सिंह , युवा के प्रखंड अध्यक्ष शर्मा आनंद, अनुसूचित जाति के प्रखंड अध्यक्ष दिनेश राम , संजय यादव, जहीर खान, गणेश झा आदि मौजूद रहे।
