
रक्सौल।(Vor desk)।आकस्मिक मृत्यु पर विजय पाने की पहल को लेकर आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट के डॉ कुमार मनीष और मझौलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुपम प्रसाद के दल द्वारा मझौलिया स्थित एसएसबी बटालियन पुरुषोत्तम में एसएसबी जवानों को जीवन रक्षक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। एसएसबी इंस्पेक्टर रविंदर सिंह (कंपनी कमांडर 701-जी) के नेतृत्व में तकरीबन पचास से अधिक जवानों को सीपीआर देने की तकनीक, इसके महत्व और उपयोगिता को विस्तार से समझाया गया।
आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव डॉ कुमार मनीष ने सीपीआर प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आधुनिक समय में कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और आए दिन ऐसी अप्रिय खबरें सुनने को मिलती हैं। इसी कड़ी में, ट्रस्ट ने यह मुहिम शुरू की है ताकि अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर की ट्रेनिंग देकर आपातकाल में सहायता सुनिश्चित की जा सके और मृत्यु दर को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि सीपीआर देने का गोल्डेन पीरियड एक से दस मिनट के भीतर होता है, जिसके बाद इसका लाभ नहीं मिलता। उन्होंने प्रण लिया कि हर घर में एक से दो व्यक्तियों के साथ-साथ सार्वजनिक और भीड़-भाड़ वाले स्थानों जैसे स्कूलों, कॉलेजों, बैंकों, एसएसबी और पुलिस जैसे संस्थानों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने जनमानस से अपील की कि वे निस्वार्थ भाव से इस मुहिम का हिस्सा बनें।
एसएसबी बटालियन के सेकेंड-इन-कमांड राकेश कुमार रमन ने आरोग्य चैरिटेबल ट्रस्ट रक्सौल द्वारा चलाए गए इस सीपीआर प्रशिक्षण जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की और समाज को ऐसे निस्वार्थ एवं सामाजिक संस्थाओं की आवश्यकता बताई जो लोगों के स्वास्थ्य हित में कार्य करती हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में मझौलिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अनुपम प्रसाद के साथ हेल्थ मैनेजर शकील अहमद और रविन्द्र कुमार भी उपस्थित थे।
