
पटना/रक्सौल।(Vor desk)।बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीटों के बंटवारे का मामला अभी तक नहीं सुलझ सका है।गुरुवार की शाम तक उम्मीदवारों की सूची जारी होने और प्रेस कांफ्रेंस की उम्मीद बनी हुई है। रक्सौल सीट पर संशय कायम है।प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ी हुई हैं।इंतजार की घड़ियां खत्म नहीं हो रही है।
सूत्रों का कहना है कि जो सूची आज जारी हो सकती है,उसमें रक्सौल के शामिल होने पर भी संशय है।मुकेश साहनी के डिप्टी सीएम की दावेदारी और 40 सीट लेने पर मामला फंसा हुआ है।उनके अंतिम रुख से महागठबंधन की सीन बन बिगड़ सकती है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद का कहना है एनडीए में लोजपा,हम ,रालोमा के सीटों से प्रेरणा लेनी चाहिए और उदारता दिखानी चाहिए।
जानकर बताते हैं कि मुकेश साहनी के वीआईपी को 18सीट दी जा रही है,लेकिन,बात नहीं बन रही।
इधर,कांग्रेस भी अपने बदले स्टैंड पर है।सीएम उम्मीदवार के चेहरे के रूप में तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा से बच रही है।बिहार वोट अधिकार रैली के बाद बदले तेवर के साथ कम से कम 70सीटों पर दावेदारी जारी है।अखिलेश सिंह के मुताबिक,कांग्रेस 60से कम पर नहीं लड़ेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि बात नहीं बनी तो कांग्रेस 234सीटों पर लड़ सकती है।वह अभी लगातार दवाब की राजनीति कर रही है।रेल जॉब लैंड स्कैम मामले को ले कर कांग्रेस खुल कर खेल रही है।बिहार के हालातों का कांग्रेस नेतृत्व पूरा फायदा उठाने की होड़ में है।
सूत्रों का कहना है कि यदि कांग्रेस,वीआईपी के साथ बात बिगड़ गई,तो राजद ,वाम पंथी पार्टियों के साथ मिल कर अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है।
राजद के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि रक्सौल सीट पर दो मामले फंसे हुए हैं।एक पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद के नाम पर और दूसरा गठबंधन को ले कर।श्याम बिहारी प्रसाद की पैरवी सांसद अखिलेश सिंह और पप्पू यादव कर रहे हैं।बुधवार की देर रात्रि राज्य सभा सांसद अखिलेश सिंह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मिले और उन्हें मनाने की कोशिश की।हालाकि, रक्सौल सीट क्लियर नहीं हो सका है।चर्चा है कि आदापुर के भेड़िहरवा निवासी पूर्व कबिनेट मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के अनुज 73वर्षीय श्याम बिहारी प्रसाद अपनी और अपने पुत्र मृणाल किशोर में किसी एक को टिकट देने की मांग कर रहे हैं।
बताया गया है कि नरकटिया से जद यू के पूर्व विधायक श्याम बिहारी प्रसाद को टिकट मिलने की चर्चा थी।लेकिन,उनकी रक्सौल से लड़ने की मंशा सामने आ गई।वे 2015में भी रक्सौल से निर्दलीय लड़ कर किस्मत आजमा चुके हैं।सूत्रों ने दावा किया कि श्याम बिहारी ने अपना और पुत्र मृणाल किशोर का बायोडाटा कांग्रेस को दिया था।जो वायरल हो गया।इसकी भनक जनता दल यू को लगी तो जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने करवाई को लिख दिया।करवाई की बू आते ही उन्होंने आनन फानन में पटना पहुंच कर शीर्ष नेताओं के समक्ष कांग्रेस ज्वाइन कर लिया।लेकिन,इससे पहले ही कांग्रेस का सर्वे जा चुका था,जिसमे रक्सौल विधान सभा से उम्मीदवारों की अनुशंसा हुई थी।जिस कारण पेंच फंसा हुआ है।वहीं,दूसरी ओर राजद की ओर से भी एतराज कायम है।
मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, अजय माकन, इमरान प्रतापगढ़ी सहित बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावारू जैसे वरिष्ठ नेता टिकट को ले कर मंथन कर चुके हैं,जिसमे रक्सौल सीट पर राजद की सहमति का मामला अटका हुआ हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्वी चंपारण जिले में महिला और मुस्लिम उम्मीदवारी को तब्बजो देने का निर्देश दे रखा है।वहीं,राजद की ओर से मोतिहारी से देवा गुप्ता को उम्मीदवार बनाने की चर्चा है।ऐसे में मोतिहारी के साथ रक्सौल से कलवार उम्मीदवार मिलने की संभावना कम है।एक ओर जहां गोविंदगंज से ई शशिभूषण राय उर्फ गप्पू राय के उम्मीदवारी की घोषणा कर दी गई है।वहीं,रक्सौल सीट पर चर्चा परिचर्चा के बीच मंथन का दौर जारी है।
ऐसे में रक्सौल सीट पर दावेदारों की नींद हराम हो गई है ।पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद अपने पुत्र मृणाल के साथ सदाकत आश्रम और लालू यादव के आवास का चक्कर काटते दिखे।उनकी बेचैनी साफ नजर आ रही थी।वहीं,कांग्रेस के युवा नेता डा गौतम कुमार भी सदाकत आश्रम में देर रात तक जमे रहे।
अभी तक कांग्रेस से पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद, पूर्व प्रत्याशी हाफिज अंसारी, नुरुल्लाह खान, डॉ. गौतम कुमार और अखिलेश दयाल जैसे नाम दावेदारों की सूची में शामिल हैं
वैश्य चेहरे के कारण श्याम बिहारी प्रसाद और युवा मुस्लिम चेहरे के कारण रक्सौल में विपक्ष की आवाज कहे जाने वाले नुरुल्लाह खान को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। लेकिन,देवा गुप्ता का नाम मोतिहारी से आने के बाद डा गौतम कुमार और नुरुल्लाह खान दौड़ में आगे हैं।जबकि,अखिलेश दयाल भी इस होड़ में अपने पुराने संबंधों और पार्टी में पकड़ के कारण आगे चल रहे हैं।इस बीच कांग्रेस से एम एल सी चुनाव विवाद के कारण निष्काशित राजद नेता सह पूर्व विधान सभा प्रत्याशी राम बाबू यादव के भी गुप चुप फिर से कांग्रेस में शामिल होने की अपुष्ट सूचना है।ऐसे में इन्हीं में किसी एक को मौका मिल सकता है।श्याम बिहारी प्रसाद की राजद में विश्वास का संकट ,कांग्रेस में खेमेबाजी और उम्र फैक्टर के आड़े आने से भी मामला बिगड़ सकता है।
इधर,रक्सौल सीट यदि राजद ने लिया और गठबंधन टूटा तो राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष जायसवाल ,पूर्व प्रत्याशी राम बाबू यादव, सुरेश यादव के अलावा प्रमोद राय, रवि मस्करा और सैफुल आजम पर भी विचार हो सकता है।
राजद के नेताओं का कहना है कि राजद पहले से रक्सौल सीट पर लड़ती रही है। उम्मीदवारी की कमी नहीं है।कोई नेता लड़ लेगा और स्थिति भी मजबूत रहेगी।
फिलहाल,असमंजस और देरी के बीच रक्सौल क्षेत्र के आम जनता की निगाहें इस पर टिकी हैं कि इंडिया गठबंधन किसे टिकट देता है। देखना है कि कांग्रेस लड़ती है या राजद को मौका मिलता है।
