
रक्सौल।(Vor desk)।
मधेश प्रदेश में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के नेता जितेंद्र सोनल को नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। बुधवार शाम को प्रदेश प्रमुख सुमित्रा सुवेदी भण्डारी ने संविधान की धारा 168 के उपधारा 2 के तहत श्री सोनल को मुख्यमंत्री पद पद पर नियुक्त करते हुए पत्र सौंपा।
उक्त धारा के तहत किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत न होने की स्थिति में, प्रदेश सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले दो या दो से अधिक दलों के समर्थन से बहुमत प्राप्त करने में सक्षम प्रदेश सभा सदस्य को प्रदेश प्रमुख द्वारा मुख्यमंत्री नियुक्त करने का प्रावधान है।
सोनल (जितेंद्र सोनल) मधेस आंदोलन के समय अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले एक नेता हैं।
बारा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 4(ख) से 12,186मतों से प्रदेश सभा सदस्य (विधायक) निर्वाचित हुए मुख्यमंत्री सोनल ने आज ही प्रदेश प्रमुख कार्यालय में सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने कुल पाँच दलों के56 प्रदेश सांसदों के हस्ताक्षर युक्त समर्थन पत्र सौंपे थे। उन्हें समर्थन देने वाले दलों में जसपा नेपाल, लोसपा, जनमत पार्टी, नेकपा माओवादी केंद्र और नेकपा एकीकृत समाजवादी पार्टी शामिल हैं।
यह नियुक्ति निवर्तमान मुख्यमंत्री सतीश सिंह के इस्तीफे के बाद हुई है। सिंह ने ‘जी एन जे आंदोलन’ के दौरान इस्तीफा देने की घोषणा की थी, जिसके बाद से प्रदेश में सियासी संकट गहराया हुआ था। मंगलवार को उनका इस्तीफा स्वीकृत होने के साथ ही नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया था।
गौरतलब है पहली प्रदेश सभा में भी बारा जिला क्षेत्र संख्या( 4 ख )से निर्वाचित सोनल, पहले मुख्यमंत्री लालबाबु राउत गद्दी के कार्यकाल में भौतिक पूर्वाधार मंत्री बने थे।
मुख्यमंत्री पद के लिए दो दावे प्रस्तुत किए गए थे। एक दावा सोनल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पाँच दलों के समर्थन का था, जबकि दूसरा दावा नेपाली कांग्रेस के नेता कृष्ण प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तीन दलों के समर्थन का था। दोनों दावों से संबंधित पत्र प्रदेश प्रमुख के कार्यालय में दर्ज किए गए थे।
यादव के समर्थन में एमाले (नेकपा-एमाले) के 23, कांग्रेस के 22 और जनमत पार्टी के 13 सदस्यों सहित कुल 58 सदस्यों के समर्थन का दावा किया गया था। हालाँकि, जनमत संसदीय दल के नेता महेश प्रसाद यादव ने प्रदेश प्रमुख के कार्यालय को एक पत्र भेजकर यह स्पष्ट किया कि सोनल को मुख्यमंत्री पद के लिए दिया गया उनका समर्थन ही आधिकारिक है।
इसके अलावा, जनमत पार्टी के प्रदेश सभा सदस्य रहे निवर्तमान मुख्यमंत्री सतिश कुमार सिंह और पूर्व मंत्री त्रिभुवन साह ने अपना अलग पार्टी बनाते हुए जनस्वराज पार्टी में अपनी सदस्यता की पुष्टि कर दी है।
इधर,जितेंद्र सोनल के मुख्यमंत्री नियुक्त होने से सीमावर्ती क्षेत्र में ख़ुशी की लहर है। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कुशवाहा, बिहार विश्वविद्यालय आयोग के सदस्य प्रो. डॉ. अनिल सिन्हा, सीमा जागरण मंच के स्टेट कोऑर्डिनेटर महेश अग्रवाल ,भाजपा नेता भैरव प्रसाद,समाजसेवी श्याम लामा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी है।
