
रक्सौल।(Vor desk)। बिहार बीजेपी मुख्यालय सह प्रभारी जितेंद्र कुमार कुशवाहा रक्सौल विधान सभा क्षेत्र से सीटिंग विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा को दुबारा प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज है और पार्टी से बगावत के संकेत दिए हैं।भाजपा द्वारा सोमवार को पहली चरण में 71 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है।इसमें अपेक्षा के विपरीत जितेंद्र का नाम नहीं है।प्रमोद कुमार सिन्हा की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद नाराज जितेंद्र कुशवाहा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

वे रक्सौल के सोना टॉकीज और सोना बस के प्रोपराइटर हैं। स्व सोनेलाल प्रसाद के पुत्र जितेंद्र कुशवाहा लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और नगर परिषद के डिप्टी चेयर मैंन रहने के साथ ही भाजपा और भाजयुमो के कई पदों पर रह चुके हैं।पार्टी में उनकी मजबूत पहचान और पकड़ रही है।
सांसद डा संजय जायसवाल के करीबी माने जाने वाले जितेंद्र कुशवाहा ने फोन पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की जानकारी दी और कहा कि जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस कर पूरी स्थिति साफ करेंगे।
बता दे कि वे विधायक सह भाजपा उम्मीदवार प्रमोद सिन्हा के रिश्तेदार भी हैं।जितेंद्र के बहन की शादी श्री सिन्हा के पुत्र से हुई है।हाल के दिनों में दोनों के बीच खट्टे मिठे संबंध चले आ रहे थे।जितेंद्र की भाजपा में टिकट की मजबूत दावेदारी थी।सूत्रों का कहना है कि पिछली बार 2020 में उन्हें आश्वासन मिला कि अगली पारी में उन्हें मौका मिलेगा,लेकिन,ऐसा नहीं हुआ।अब जितेंद्र ने मोर्चा संभाल लिया है और खुल कर मैदान में आने की तैयारी में हैं।इधर,अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि मनौव्वल शुरू है,लेकिन,वे चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं।
