
रक्सौल।(Vor desk)।रक्सौल विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी पिछले 25 साल से काबिज है।वर्ष 2025 के चुनाव में अब सातवीं पारी के लिए मजबूत तैयारी है।बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले रक्सौल विधान सभा क्षेत्र में विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा लगातार क्षेत्र में सक्रिय है और जनसंपर्क कर अपनी जीत को सुनिश्चित करने की तैयारी में दिन रात लगे हुए हैं।लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले श्री सिन्हा को उनके दल में ही घेराबंदी की अंदरूनी कश्मकश अंतिम समय तक जारी है,बावजूद श्री सिन्हा आश्वस्त मुद्रा में नामांकन की तैयारियों में जुटे हुए दिख रहे हैं।पिछले चुनाव में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सह क्षेत्रीय सांसद डा संजय जायसवाल ने यहां चुनाव प्रचार में कहा था -‘जो कमल खिलाएगा, वही रक्सौल पर राज करेगा।हालाकि,पूर्व अध्यक्ष डॉ संजय इस बार अपनी सीधी प्रतिक्रिया अब तक जाहिर नहीं की।जब पत्रकारों ने उनसे रक्सौल के प्रत्याशी के बारे में पूछा तो उन्होंने कह दिया कि ’13अक्टूबर को सब लोग जान जाएंगे। टिकट यहां नहीं पटना में बंटता है।जब पत्रकारों ने उनसे दुबारा बिहार के कई विधायकों के टिकट कटने और रक्सौल सीट पर भी कयासों की चर्चा की तो उन्होंने कहा कि हर चौक चौराहे पर टिकट काटना, देना जारी है।सरकार भी बन बिगड़ रही है।’किन्तु,सांसद डा संजय जायसवाल की संतुलित टिप्पणी के बावजूद विधायक के साथ संगठन जिला रक्सौल में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठके और सक्रियता का अपना संकेत और महत्व है।लेकिन,यह संकेत जब अर्थ लेने लगा कि श्री सिन्हा का टिकट कन्फर्म है,तब भाजपा के प्रदेश मुख्यालय सह प्रभारी जितेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट किया-अफवाहों पर ध्यान नहीं दें!कृपया औपचारिक घोषणा का इंतेज़ार करें!

इधर,महेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई दिग्गज नेताओं से मुलाकात की तस्वीरें पोस्ट कर चर्चा और कयासों को तेज कर रखा है।
इस बीच,भाजपा के पूर्व विधायक डा अजय कुमार सिंह के भी दिल्ली जाने और भाजपा के शीर्ष नेताओं से संपर्क की खबर अचानक तैरने लगी है।हालाकि,उन्होंने इस बारे में उन्होंने खुल कर कोई संकेत नहीं दिए।हालाकि,सूत्रों का कहना है की पार्टी ने उन्हें सुगौली से भी उम्मीदवारी के सवाल पर चर्चा की थी, जिससे वे इनकार कर गए थे।उनके गृह क्षेत्र रघुनाथपुर निवासी युवा पत्रकार लब कुमार चौबे का दावा है कि पूर्व विधायक की दावेदारी से इनकार है।वे चुनाव नहीं लड़ने जा रहे।

इस बीच,कई दौर के सर्वे और दावेदारी के आधार पर कई नाम चर्चा में है।सर्वे को ले कर कई तर्क दिए जा रहे हैं और बदलाव के दावे भी हो रहे हैं।इसमें रक्सौल से पांच टर्म विधायक रहे डा अजय कुमार सिंह के नाम की भी चर्चा बनी हुई है।वहीं,भाजपा के प्रदेश मुख्यालय सह प्रभारी जितेंद्र कुशवाहा,भाजपा महिला मोर्चा के संगठनिक जिला रक्सौल की पूर्व अध्यक्ष ज्योति राज गुप्ता,भाजपा के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य गुड्डू सिंह,संगठन जिला रक्सौल के महामंत्री अजय पटेल दावेदारों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
मजे की बात यह है की वर्ष 2000 से 2020तक कोई भी दावेदार खुल कर सामने नहीं आता था।वर्ष2025 में कई नामों की चर्चा है,बावजूद,जो दावेदार हैं,उनमें इक्का दुक्का को छोड़ कर कोई खुल कर अब तक सामने नहीं आया है।कहा जा रहा है कि जो नाम पार्टी की ओर से भेजे जाते हैं,वह हर बार की तरह इस बार भी कोरम की तरह ही है,क्योंकि,अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करती है।वैसे अब तक जिनकी दावेदारी झलक रही है ,वे भी पार्टी नेतृत्व के निर्देशों और संगठन को सर्वोपरि मानते हैं।ऐसे में पार्टी के फैसले पर ही सभी कि नजर बनी हुई है ,की किसे सिंबल मिलता है।सांसद डा संजय कहते हैं कि- ‘हमारे नेता एक ही है नरेंद्र मोदी।बाकी सब कार्यकर्ता हैं।’घेराबंदी में जुटे कार्यकर्ता भी यही दोहराते है कि हम भी यही कहते और मानते हैं।पार्टी के लिए इस बार बिहार की लड़ाई आर पार की है,एक एक सीट कीमती हैं।पार्टी कोई रिस्क नहीं लेगी।दावेदार इस बार डा संजय जायसवाल की चुप्पी को अपने अपने तरीके से विवेचित करने में जुटे हुए हैं। यही नहीं रविवार को दिल्ली में हुई बीजेपी कोर कमेटी(सी ई सी) की बैठक में डा जायसवाल के कथित रूप से आउट रहने को ले कर भी चर्चाएं और अटकलें जारी है।लेकिन,भाजपा नेता कमलेश कुमार अटकलों को खारिज करते हुए कहते है कि रक्सौल में प्रमोद सिन्हा कन्फर्म हैं।दावेदार 2030 के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।
जबकि,सीमा जागरण मंच के स्टेट कोर्डिनेटर महेश अग्रवाल कहते हैं कि गेंद अब दिल्ली के पालें में है।वहां आज रविवार को एनडीए गठबंधन की शीट शेयरिंग फाइनल हो गई है। कैंडिडेट भी फाइनल हो गए हैं।जल्द घोषणा होगी और सब कुछ साफ हो जाएगा।इसमें संघ की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल,कयासों के बीच विधायक प्रमोद सिन्हा के समर्थक आश्वस्त और दुबारा जीत के प्रति निश्चिंत दिख रहे हैं।उनमें एक अनुज दास सोशल मीडिया पर आगामी 17अक्टूबर को नामांकन का आमंत्रण भी जारी कर चुके हैं।ऐसे विधायक समर्थकों की संख्या कम नहीं है।जहां महागठबंधन अभी सीट शेयरिंग पर ही अटकी हुई है,वहीं,नामांकन की तैयारी मजबूत संकेत दे रही है,जो यह बता रही है कि कई चुनौतियों के बीच एक बार फिर बीजेपी अपने गढ़ में मजबूत वापसी को तैयार है।लेकिन,अंतिम तौर पर प्रत्याशी के चेहरे के साफ होने के लिए सोमवार को होने वाले बीजेपी के प्रेस कांफ्रेंस का इंतजार सभी को है।
