
रक्सौल।(Vor desk)।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की रक्सौल नगर इकाई द्वारा शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। शहर के रामजानकी मंदिर में संपन्न इस कार्यक्रम में सैकड़ो स्वयंसेवकों ने भाग लिया। सर्वप्रथम स्वयंसेवक बंधुओं ने आसन, व्यायाम तथा आपस में कई तरह के खेल खेलते हुए शाखा में अपना कालांश पूरा किया। तत्पश्चात सभा को संबोधित करते हुए उत्तर बिहार प्रांत के सह प्रांत संघचालक प्रो० राजकिशोर सिंह ने अपने बौद्धिक में कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष भर में कुल छह उत्सव मनाता है, उसके अतिरिक्त शरद पूर्णिमा का स्वयंसेवक वर्ष भर इंतजार करते हैं एवं आकर उसका आनंद उठाते हैं l उन्होंने कहा की शून्य से शतक वर्ष का सफर तय करने में संघ को विभिन्न पड़ावो से गुजरना पड़ा है। कुछ बाल एवं तरुण स्वयंसेवकों के साथ शुरू हुआ यह संघकार्य आज 40 से अधिक देशों में 80,000 से ऊपर शाखाओं के रूप में एक वटवृक्ष के रूप में दिखाई देता है। संघ के स्वयंसेवक अपने त्याग और तपोबल से यह सुखद अवसर प्राप्त किया है। जिस दिन देश में राम राज्य की स्थापना हो जाएगी उस दिन संघ अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। संघ का प्रमुख कार्य हिंदू समाज के जनजागरण का है। शताब्दी वर्ष में संघ कुल 7 विभिन्न कार्यक्रमों को करने वाला है जिसमें प्रत्येक हिंदू घर को संपर्क करने की योजना है। भारत पुनः कैसे विश्वगुरु बने, संघ इस दिशा में कार्यरत है। शरद पूर्णिमा के रात्रि चंद्रमा अपने पूर्ण कलाओं से युक्त होता है, पृथ्वी से इसकी दूरी भी न्यूनतम होती है जिसके कारण इसकी शीतलता बढ़ जाती है। यह मान्यता है कि इस घड़ी स्वयं देवता पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं। अतः इस दिन का विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। इस दिन सभी स्वयंसेवक एक साथ एक पंक्ति में ही प्रसाद रूप में खीर खाते हैं, जो चंद्रमा के शीतल चांदनी के बीच संपन्न होती है। किसी भी स्वयंसेवक में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं रह जाता है। अंत में प्रार्थना के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। इस उत्सव में जिला कार्यवाह दुर्गेश कुमार, विकास कुमार, सुबोध कुमार, चैतन्य कुमार, अमरेंद्रम पांडेय, नगर कार्यवाह भरत चौरसिया, नीतीश कुमार, मनोज कुमार, सचिन कुमार, हेमंत कुमार, धीरज, प्रशांत, सूरज, रजनीश प्रियदर्शी, चंद्रकांत तिवारी, कन्हैया सर्राफ सहित सैकड़ो स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
