Saturday, March 7

रक्सौल में सियासी उबाल: वार्ड पार्षद जितेंद्र दत्ता ने विकास कार्यों में उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दिया इस्तीफा

रक्सौल।(Vor desk)।बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रक्सौल नगर परिषद की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है।नगर परिषद के वार्ड संख्या 05 के पार्षद जितेंद्र कुमार दत्ता ने विकास कार्यों में कथित अनदेखी और उपेक्षा से नाराज़ होकर अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है, जिससे स्थानीय सियासी पारा चढ़ गया है।
पार्षद जितेंद्र कुमार दत्ता ने सोमवार को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार को अपना त्याग पत्र सौंपा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 2017-2022 के अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा कराया था, लेकिन वर्तमान कार्यकाल में उनके वार्ड में कोई बड़ा विकास कार्य नहीं हो सका है।
पार्षद दत्ता ने सीधे तौर पर निर्वाचित मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर सवाल खड़े किए और कहा कि नई व्यवस्था मनमानी हो रही है।उन्होंने तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्षद उनकी बातों में रहते हैं, उनके वार्ड में काम हो रहे हैं।लेकिन मनमानी के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को विकास कार्यों से वंचित रखा गया। उन्होंने 2023 में बोर्ड बैठक में स्वीकृत योजनाओं का हवाला दिया और कहा कि ये योजनाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।मेरे वार्ड 5की बात की जाए तो तीन वर्ष में मात्र दो कार्य ही हुए हैं,जो काफी निंदनीय है।
दत्ता ने स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था की बदहाली पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि लगातार मांग के बावजूद पूरे शहर में बिजली-बत्ती की व्यवस्था नहीं सुधरी, जिसके कारण दशहरा का महापर्व भी अंधेरे में बीता और दीपावली के लिए कोई प्रगति नहीं है। इसके अलावा, सफाई पर लाखों खर्च होने के बावजूद कर्मी केवल खानापूर्ति करते हैं,उसके बावजूद उन्हें विभाग से भुगतान किया जाता है। उन्होंने यह दुख भी व्यक्त किया कि पार्षदों को कार्यालय में होने वाले कार्यों और गतिविधियों की जानकारी से भी वंचित रखा जाता है, जिससे वे जनता को जवाब दे पाने में असमर्थ हो जाते हैं।
पार्षद जितेंद्र कुमार दत्ता ने त्याग पत्र में कहा कि लगातार उपेक्षित महसूस करने और जनता का कोई कार्य न करा पाने की स्थिति में, उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि उन्होंने चुनाव जीत कर जनता के साथ छलावा किया है।इस दायित्व की वजह से निजी कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
इस घटना ने रक्सौल नगर परिषद की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय सांसद डॉ. संजय जायसवाल और विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने रक्सौल नगर परिषद क्षेत्र में करीब 2 करोड़ 47 लाख 75हजार से अधिक की लागत वाली सड़क,नाला सहित कई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया है।

फिलहाल,त्याग पत्र देने के बाद अब देखना यह है कि आगे नगर परिषद इस पर क्या निर्णय लेती है।इस बारे में जब कार्यपालक पदाधिकारी डा मनीष कुमार से संपर्क का प्रयास किया गया,तो,उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
जबकि ,पूछने पर नगर परिषद की कार्यवाहक सभापति पुष्पा देवी ने कहा है कि शिकायतों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

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