
रक्सौल (vor desk)। रक्सौल स्थित रनिंग रूम में लोको पायलट प्रमोद कुमार चौधरी (41) की संदेहास्पद मौत से रेल महकमा में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद एडीआरएम आलोक कुमार झा और आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट आरके सिंहा ने की पहुंच कर मामले की जांच की है।वहीं, एसआईटी गठित कर कर दी गई है।शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनो को सौंप दिया गया है।प्रमोद चौधरी ने वर्ष 2012 में लोको पायलट के रूप में योगदान दिया था। वे एक पुत्र और एक पुत्री के पिता थे।ट्रेन संख्या 55585 के चालक थे।
मिली जानकारी के मुताबिक,प्रमोद बेड से अचानक नीचे गिर गए।उनके सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।
पास में ही सोए सहकर्मी लोको पायलट ने गिरने की आवाज के बाद जब स्थिति देखी तो होश उड़ गए। प्रमोद के सिर में गहरी चोट और रक्त रिसाव देख कर वेए घबरा गए।वहां मौजूद सहयोगियों की मदद से उन्हें स्थानीय डंकन अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
बाद में रक्सौल के अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया,जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब ढाई बजे वे जागे और बेड से उठते समय चक्कर आने के कारण गिर गए,बाद में स्थिति नाजुक हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही एडीआरएम आलोक कुमार झा रक्सौल पहुंच गए और पूरे मामले की कई एंगल से गहन जांच की। स्थानीय अधिकारियों के साथ रनिंग रूम का निरीक्षण कर कई निर्देश भी दिए।
मृतक के परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया और विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बता दे कि मृत लोको पायलट प्रमोद चौधरी पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के परसौनी गांव निवासी सत्यदेव राम रजक के पुत्र थे।
उनका हेडक्वार्टर नरकटियागंज था। शुक्रवार सुबह 10 बजे वे नरकटियागंज से ट्रेन लेकर रक्सौल आए थे और शनिवार को अहले सुबह 4 बजे उन्हें ट्रेन लेकर वापस जाना था।
इस बीच रक्सौल पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रमोद चौधरी की मृत्यु रेलवे की लापरवाही से हुई। आरोप है कि रनिंग रूम के कमरे में लगी खराब एसी से लगातार पानी टपक रहा था, जिससे फर्श भींग गई थी और फिसलन के कारण देर रात शौच के लिए उठे प्रमोद चौधरी फिसल कर असंतुलित हो फर्श पर गिर पड़े,जिसके बाद मौत हो गई।
इस बारे में रक्सौल के थानाध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी सुनीता देवी ने रक्सौल थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई विकास पासवान की अगुवाई में एसआईटी टीम का गठन किया गया है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रेलवे की ओर से परिजनों को सरकारी सहायता के रूप में तत्काल 1 लाख 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई।
एडीआरएम आलोक कुमार झा और आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरके सिन्हा ने संयुक्त रूप से कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा हो पाएगा।जांच की जा रही है।
