Saturday, March 7

एसएसबी के डिजी संजय सिंघल ने किया रक्सौल बॉर्डर का निरीक्षण: आसन्न विधान सभा चुनाव और नेपाल के ‘जेन-जी’ आंदोलन से बदले हालातों के बीच सीमा पर विशेष चौकसी के दिए निर्देश


रक्सौल, बिहार।(Vor desk)। बिहार में आसन्न विधानसभा चुनावों और पड़ोसी देश नेपाल में युवा नेतृत्व वाले ‘जेन-जी’ आंदोलन के कारण उपजी संवेदनशीलता के बीच सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक (डीजी) संजय सिंघल( भा.पु.से.) ने शुक्रवार26 सितंबर 2025 को रक्सौल मैत्री पुल और 47वीं वाहिनी एसएसबी बटालियन मुख्यालय का दौरा किया। यह दौरा भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा तैयारियों और कार्मिकों के मनोबल का आकलन करने के उद्देश्य से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महानिदेशक ने अंतर्राष्ट्रीय इंट्रीग्रेटेड चेक पोस्ट (आई.सी.पी.), मैत्री ब्रिज और दूरस्थ सीमा चौकी पंटोका का निरीक्षण किया, जो सीमा पार से होने वाली किसी भी अप्रिय गतिविधि को रोकने के लिए अग्रिम मोर्चे पर हैं। उन्होंने नेपाल में जेन जी आंदोलन के बाद बदले हालातों और राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए बल कार्मिकों को विशेष निर्देश दिए। इन निर्देशों में सीमा से आने-जाने वाले नागरिकों की पहचान और जाँच-पड़ताल में अतिरिक्त सतर्कता बरतने तथा सुरक्षा मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि अस्थिरता का कोई भी तत्व भारतीय सीमा में प्रवेश न कर पाए, खासकर तब जब बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज हो रही हैं।


दौरे के दौरान, डीजी ने जवानों से उनकी ड्यूटी से जुड़ी और व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में सीधे बातचीत की और उनका मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत, वाहिनी मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने वहाँ पौधारोपण भी किया।

इस महत्वपूर्ण दौरे में डीजी के साथ निशीत कुमार उज्जवल,( भा.पु.से.), महानिरीक्षक, सीमान्त मुख्यालय एस.एस.बी., पटना और संजय पाण्डेय, कमांडेंट, 47वीं वाहिनी एस.एस.बी. सहित वाहिनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि बिहार चुनाव के मद्देनजर और नेपाल की मौजूदा स्थिति के चलते यह खुला अंतर्राष्ट्रीय सीमा किसी भी असामाजिक या राष्ट्रविरोधी तत्व के लिए एक आसान मार्ग बन सकती है, जिसे रोकने के लिए एसएसबी का यह उच्च स्तरीय निरीक्षण आवश्यक था।

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