
रक्सौल।(Vor desk)।बिहार नेपाल सीमावर्ती रक्सौल में घोड़ासहन नहर के किनारे एक पेड़ पर मंगलवार को विशाल अजगर देखे जाने के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।यह घटना रक्सौल के कोइरियाटोला नहर चौक पर हुई।वन विभाग को सूचना दी गई,लेकिन,वह नहीं पहुंच सकी। जिससे यह पता नहीं चल सका कि वास्तव में वह अजगर ही है या कोई दूसरा सर्प।यह कौतूहल बन गया कि आखिर अजगर पेड़ पर कैसे जा पहुंचा।इस मामले में हो हल्ला नहीं होता और लापरवाही कायम रहती तो कई जाने जा सकती थी।यह अजगर करीब100केजी और 20फिट लंबा था।
रेस्क्यू ऑपरेशन और घटना का विवरण
स्थानीय लोगों ने अजगर को एक पेड़ पर लिपटा हुआ देखा, जिसके बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई। पेड़ के नीचे चाय दुकानदार ने पहले देखा,उसके बाद भीड़ लग गई।लोग खतरों के बीच भी फोटो खींचने में जुट गए।प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि अजगर वाल्मीकि नगर के जंगलों से नहर के तेज बहाव में बहकर यहां तक पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से नहर में जलस्तर बढ़ने के कारण कई जंगली जानवर इस तरह रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं।शहरी क्षेत्र में अजगर दिखने से लोगों में कौतूहल भी खूब था।

सूचना मिलने के बाद नगर परिषद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सफाई इंस्पेक्टर राम नरेश कुशवाहा के देख रेख में अभियान शुरू हुआ। अजगर को सुरक्षित पकड़ने के लिए जेसीबी मशीन का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अजगर ने अचानक पेड़ से सरक कर नहर के पानी में जा घुसा । वह बहते हुए आदापुर की तरफ चला गया।यह लापरवाही ही कही जाएगी की बिना एक्सपर्ट के यह रेस्क्यू शुरू किया गया था।जैसे रामगढ़वा में घूम रहा तेंदुआ आज भी पकड़ से बाहर है।
प्रशासन की अपील और पर्यावरण असंतुलन
नगर परिषद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी जंगली जानवर को देखने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करने की अपील की है। यह घटना शहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती उपस्थिति और पर्यावरण में हो रहे असंतुलन की ओर एक बड़ा संकेत है।
