Saturday, March 7

पीएम सुशीला कार्की सत्ता संभालते ही एक्शन में ,केपी ओली पर एफआईआर दर्ज,क्या होगी बांग्लादेश की हसीना वाली स्थिति ?

रक्सौल।(Vor desk)।नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।संकेत मिल रहे है कि उनकी स्थिति बांग्लादेश की’ शेख हसीना’ की तरह हो सकती है।उनके खिलाफ शनिवार को राजधानी काठमांडू में एफआईआर दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओली पर आरोप है कि 8 सितंबर को जब आंदोलन शुरू हुआ था, तब उन्होंने पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हमले और ज्यादती का आदेश दिया था। बता दें कि, ओली ने भारी दबाव के बीच 9 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से ही वो आर्मी की सुरक्षा में हैं।चुकी,उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है,इसलिए कई अटकलें भी हैं।

वहीं, नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की आज घायल आंदोलनकारियों से मिलने काठमांडू के हॉस्पिटल पहुंची। सुशीला कार्की ने शुक्रवार को ही नेपाल के अंतरिम पीएम पद की शपथ ली है। उन्हें 5 मार्च, 2026 तक संसदीय चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

सामान्य होने लगा है जन जीवन

6 दिनों की हिंसा के बाद काठमांडू के कई इलाकों से कर्फ्यू हटा दिया गया है।वहीं,वीरगंज में रात्रि 9से सुबह 5 बजे तक और कलइया में रात का कर्फ्यू जारी है।वीरगंज में जहां सुबह 5से रात्रि9बजे तक निषेधाज्ञा रहेगा,वहीं,कलइया सहित बारा जिला में कर्फ्यू रविवार से नहीं रहेगा।वीरगंज में स्कूलों को भी खोलने का आदेश दे दिया गया है।वीरगंज सहित देश भर में जन जीवन सामान्य होता दिख रहा है।बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा के बीच पहचान पत्र जांच कर ही इंट्री दी जा रही है।

पीएम मोदी ने सुशीला कार्की को बधाई दी
पीएम मोदी ने शनिवार सुबह नेपाली, हिंदी और अंग्रेजी में सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नेपाल की नई प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा, ‘नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने पर सुशीला कार्की को हार्दिक बधाई। भारत नेपाल में अपने भाइयों और बहनों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।’

कल कैबिनेट विस्तार संभव
बात करें अगर अंतरिम सरकार की तो कल यानि रविवार को कैबिनेट विस्तार हो सकता है। अभी नई सरकार में किसी को भी मंत्री पद नहीं सौंपा गया है। क्योंकि जेनजी किसी भी राजनितिक दल के व्यक्ति के सरकार में शामिल होने के सख्त खिलाफ थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected , Contact VorDesk for content and images!!