
रक्सौल,एक संवाददाता।नेपाल में जीएन जेड के जन विद्रोह से उपजे अराजक माहौल में देश भर में जेल ब्रेक की घटनाओं में 13हजार 572 कैदी बंदी और हिरासत में लिए गए 560 आरोपी भाग निकले हैं।जिसको ले कर इंडो नेपाल बॉर्डर पर हाई अलर्ट है।नेपाल ने भारतीय प्रशासन से गिरफ्तारी के लिए सहयोग मांगा है,जिसके बाद बिहार सीमा के अलग अलग जगहों से करीब30 भगोड़े कैदी पकड़े गए हैं।इसी बीच भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं बटालियन ने बुधवार को नेपाल के जेल ब्रेक के बाद भाग कर भारत में घुसपैठ कर रहे एक बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया है।जानकारी के मुताबिक,काठमांडू के सेंट्रल जेल से फरार एक बांग्लादेशी नागरिक को एसएसबी ने भारतीय सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करते वक्त से दबोच लिया।
नेपाल में हाल ही में हुए जेल ब्रेक की घटना का फायदा उठाकर, सोने का तस्कर मोहम्मद अब्दुल हसन ढाली काठमांडू जेल से भाग निकला था और किसी तरह बुधवार को रक्सौल बोर्डर पहुंच गया।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले पाँच सालों से काठमांडू जेल में बंद अब्दुल नेपाल के उग्र प्रदर्शनों के दौरान हुए अराजक माहौल में जेल ब्रेक की घटना का लाभ उठाते हुए जेल से फरार हुआ था।
वह भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सहदेवा बॉर्डर आउटपोस्ट के पास, पिलर संख्या 378 पर मुस्तैद एसएसबी जवानों ने उसकी संदिग्ध हरकतों को भाँप लिया और उसे खदेड़ कर नियंत्रण में ले लिया ।
पूछताछ में अब्दुल ने स्वीकार किया कि वह नेपाल में सोने की तस्करी करता था और जेल से भागने के बाद रक्सौल के रास्ते कोलकाता होते हुए अपने देश बांग्लादेश वापस जाने की फिराक में था,किन्तु, एसएसबी की कड़ी निगरानी ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया।
आवश्यक पूछताछ के बाद, एसएसबी ने इस बांग्लादेशी नागरिक को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है।
इधर, भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों ने बुधवार को अलग अलग जगहों से नेपाल की जेल से भागे करीब 30 कैदियों को बिहार के विभिन्न सीमावर्ती इलाकों और चेकपोस्ट के पास से गिरफ्तार किया है।
सीमावर्ती जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, और किशनगंज में एसएसबी के साथ पुलिस की टीम संयुक्त रूप से गश्ती कर रही है। बिहार के इन जिलों में हाई अलर्ट है।इस बीच एसएसबी की 20वीं वाहिनी एसएसबी और बैरगनिया पुलिस ने भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 13 फरार कैदियों को पकड़ा है।। इनमें से पांच कैदी बिहार के रहने वाले हैं। पकड़े गए कैदियों में पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन से मोनू जायसवाल और राकेश कुमार, चिरैया थाना से मुनिफ कुमार यादव, और सीतामढ़ी के मेजरगंज से सुधीर कुमार महतो शामिल हैं।
वहीं,सीतामढ़ी रेंज में पकड़े गए भगोड़े कैदी
एसएसबी जवानों ने सीतामढ़ी के विभिन्न बॉर्डर से 10कैदी को गिरफ्तार किया है। इन्हें हिरासत में लेकर भिठ्ठा व सुरसंड थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पकड़े गए कैदियों में आठ नेपाली और दो भारतीय नागरिक शामिल हैं। भिठ्ठा थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार कैदियों में नेपाल के धनुषा जिला के मुखियापट्टी के रामगुलाम महतो, औरही थाना क्षेत्र के हसनपुर निवासी विनोद राय, महोत्तरी के धिरापुर गांव निवासी मोजाहिद अंसारी, लोहरपट्टी थाना क्षेत्र के खुट्टा पिपराढ़ी निवासी सुरेन्द्र साह सोनार, धनुषा के कुर्था गांव निवासी इंद्रेश मंडल तथा धनुषा के यदुकाहा निवासी कृष्ण कुमार महतो शामिल हैं।
इनके साथ बिहार के वैशाली जिला हाजीपुर निवासी मोहन कुमार को भी पकड़ा गया है। इसी तरह सुरसंड थानाध्यक्ष धनंजय कुमार पांडे ने बताया कि थाना क्षेत्र से मोतिहारी जिला के परसौनी खेम निवासी गुड्डू कुमार, जलेश्वर वार्ड संख्या-1 निवासी रियाज दफाली तथा नेपाल के हेठौढ़ा वार्ड संख्या-3 निवासी राजेश तमांग को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी को संबंधित थानों में रखा गया है।प्रथम दृष्टया ये सभी कैदी जलेश्वर कारागार से भागे हुए विचाराधीन बंदी बताए जा रहे हैं।इनसे पूछताछ की जा रही है।
उधर,यूपी के सोनौली बॉर्डर पर 22वीं वाहिनी एसएसबी ने चेकिंग के दौरान चार फरार कैदियों को गिरफ्तार किया है, जबकि, एसएसबी जवानों ने सिद्धार्थ नगर बोर्डर से 5कैदियों को पकड़ा है।
एसएसबी अधिकारियों के ने कहा कि आपराधिक गतिविधि या अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए एसएसबी हमेशा सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।
बता दे कि नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों और अशांत माहौल का सीधा असर भारत से लगी सीमा पर दिख रहा है। प्रधानमंत्री केपी ओली के पद छोड़ने के बाद भी प्रदर्शनों का दौर जारी है, जिसके कारण नेपाल के कई हिस्सों में अराजकता फैल गई है।नेपाल सेना ने मंगलवार की रात्रि कमान संभालते हुए देश भर में कर्फ्यू जारी कर दिया है ,बावजूद स्थिति पूर्ण नियंत्रण में नहीं दिख रही।
