Sunday, March 8

शारदा कला केन्द्र के तत्वावधान में दो दिवसीय नृत्य कार्यशाला का हुआ शुभारंभ!

रक्सौल।(Vor desk)। शनिवार को शहर के बैंक रोड स्थित श्री सत्यनारायण मारवाड़ी पंचायती मंदिर परिसर में शारदा कला केन्द्र रक्सौल के तत्वावधान में काठमांडू ( नेपाल) के फंकी दाजू ( FUNKY DAZU) के संयोजन में दो दिवसीय नृत्य कार्यशाला का शुभारंभ हुआ जिसके तहत पचास से अधिक अभ्यर्थियों ने फाउंडेशन ऑफ़ लॉकिंग एवं हिपहॉप डांस के स्टेप्स की तकनीक एवं जानकारी हासिल की। कार्यक्रम में शारदा कला केन्द्र की संचालिका शिखा रंजन , कोरियोग्राफर फन्की दाजू एवं शारदा कला केन्द्र के नृत्य प्रशिक्षक रंजन कुमार , मारवाड़ी सम्मेलन की अध्यक्षा सोनू काबरा एवं प्रांतीय बाल विकास प्रमुख वीणा गोयल एवं खूशबू भरतिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर नृत्य कार्यशाला का विधिवत शुभारम्भ किया तदुपरांत शिखा रंजन एवं रंजन कुमार ने नेपाल से पधारे मशहूर कोरियोग्राफर फंकी दाजू को दोशाला ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर शारदा कला केन्द्र के नृत्य प्रशिक्षक रंजन कुमार ने इस बात को रेखांकित किया कि फंकी दाजू एक बेहतरीन कोरियोग्राफर हैं तथा वे लॉकिंग एवं हिपहॉप डांस में बेहतरीन काम कर रहे हैं तथा उन्हें नृत्य की इस विधा में अच्छा खासा लम्बा अनुभव भी प्राप्त है। उनके मार्गदर्शन में नृत्य कलाकार रूप में अपना भविष्य संवारने वाले बच्चों को लॉकिंग एवं हिपहॉप डांस की शैलियां, ताल, भाव एवं मुद्राओं को सीखने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है।

वहीं फंकी दाजू ने कहा कि बदलते वक्त के साथ नृत्य की शैलियां भी बदल रही हैं, ऐसे में सभी नृत्य कलाकारों को परंपरागत नृत्य शैली के साथ-साथ नयी नृत्य शैली के साथ कदमताल करना अत्यंत आवश्यक है। वहीं एक दशक से अधिक समय से कला, गीत- संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में रक्सौल शहर के नौनिहालों की छुपी हुई प्रतिभा को तराश कर दक्ष नृत्य कलाकार को गढ़ने वाली शारदा कला केन्द्र की संचालिका शिखा रंजन ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य बच्चों को आज के इस बेहतरीन नृत्य शैली से जोड़ा जाए जिसे वे नृत्य के क्षेत्र में अपनी कैरियर संवार कर भविष्य में एक बेहतर नृत्य कलाकार बन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नृत्य केवल कला ही नहीं बल्कि आत्म- अभिव्यक्ति और मानसिक संतुलन का माध्यम भी है। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आज के बदलते दौर में छात्रों को मनोरंजन के साथ-साथ नई नृत्य शैलियां सिखाना , उनकी रचनात्मकता को निखारना तथा उनमें आत्मविश्वास का विकास करना भी है । मौके पर उपस्थित बच्चों को नृत्य की इस अनोखी शैली के गुर सीखने को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। वहीं बच्चों के अभिभावकगण ने शारदा कला केन्द्र के इस कार्यशाला का आयोजन के लिए जमकर तारीफ की । साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताया कि यह नृत्य कार्यशाला दो दिवसीय न होकर हफ्ते भर का होता तो श्रेयस्कर होता । वहीं शारदा कला केन्द्र की संचालिका शिखा रंजन ने बताया कि आने वाले समय में भी न केवल रक्सौल बल्कि अन्य शहरों के भी छात्र विदेशी कोरियोग्राफर के संयोजन में ऐसे नृत्य कार्यशाला में नृत्य का गुर सीख अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर सकेंगे। मौके पर अखिल भारतीय मारवाड़ी़ महिला सम्मेलन रक्सौल इकाई की अध्यक्षा सोनू काबरा, प्रांतीय पदाधिकारी वीणा गोयल , खुशबू भरतिया,रजनीश प्रियदर्शी , पूजा पाण्डेय, दीपा कुमारी, स्नेहा टिबड़ेवाल, गोपी कलवार आदि उपस्थित रहे।

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