Sunday, March 8

रक्सौल जदयू में टूट : डॉ. सौरभ कुमार राव समेत कई नेता जन सुराज में शामिल ,प्रेशर पॉलिटिक्स और बगावत के संकेत से जोड़ कर देख रहे लोग!

रक्सौल।(Vor desk)। बिहार में विधान सभा चुनाव को ले कर चुनावी सरगर्मी के बीच रक्सौल में जदयू को बड़ा झटका लगा है, जहां पार्टी के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष डॉ. सौरभ कुमार राव ने बेतिया स्थित सर्किट हाउस परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर के समक्ष अपने कई समर्थकों और अन्य पदाधिकारियों के साथ जन सुराज अभियान का हाथ थाम लिया है।

राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रेशर पॉलिटिक्स और संगठन में बगावत के संकेत से जोड़ कर देख रहे हैं।चर्चा थी कि जद यू के पूर्व जिलाध्यक्ष सह पार्टी महासचिव भुवन पटेल भी जन सुराज में शामिल हो रहे हैं,हालाकि,जन सुराज की ओर से सूची जारी होने के बाद यह महज अफवाह साबित हुआ। रक्सौल प्रखंड के भेलाही पंचायत के पूर्व मुखिया और दो बार पूर्वी चंपारण जिला जद यू अध्यक्ष रह चुके कपिल देव प्रसाद उर्फ भुवन पटेल क्षेत्र में लगातार जन सम्पर्क कर रहे हैं।हाल ही में रक्सौल में कुर्मी सम्मेलन भी आयोजित हुआ था,जिसमे बिरादरी ने सर्वसम्मति से उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। डा. सौरभ सहित जन सुराज में शामिल होने वाले श्री पटेल के करीबी माने जाते हैं।चर्चा है कि जन सुराज में प्रदेश स्तर पर मॉनिटरिंग टीम से जुड़े आरसीपी सिंह के इशारे पर ऐसा हुआ है।पूर्व प्रशासनिक अधिकारी आरसीपी सिंह उर्फ राम चंद्र प्रसाद सिंह जद यू से लंबे समय तक जुड़े रहे थे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है।कुर्मी जाति से आने वाले श्री सिंह मुख्य मंत्री नीतीश कुमार का पार्टीगत कमान संभालते थे,जिन्होंने भाजपा से जुड़े अंतर्कलह और विवादों के बीच इस्तीफा दे दिया था।कभी जद यू में मुख्य भूमिका संभाल चुके प्रशांत किशोर के सक्रिय होने के बाद आरसीपी सिंह जनसुराज में अपनी पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ को विलय कर अब एक महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।वहां जद यू के पुराने रिश्तों को पार्टी की ओर चुनाव पूर्व मोड़ कर नीतीश कुमार को झटका देने की कोशिश में दिख रहे हैं। ऐसे में आरसीपी से जोड़ते हुए श्री पटेल के जनसुराज की उम्मीदवारी की चर्चा तेज है।

हालाकि,इस मामले पर जिंदगी का महत्वपूर्ण दांव खेलने को आतुर जद यू नेता भुवन पटेल की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वे वेट एंड वॉच की मुद्रा में हैं।उनकी कोशिश है कि रक्सौल सीट जद यू अपने कोटे में ले और उन्हें वफादारी का इनाम देते हुए उम्मीदवार बनाए।मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के करीबी और बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार कुछ माह पहले भेलाही भी गए थे,जहां सभा और बैठकें हुई थी।तभी से प्रेशर पॉलिटिक्स की चर्चा तेज है।समझा जा रहा है कि जद यू से टूट कर जन सुराज में शामिल होने का वाक्या यहां एक ‘लिटमस टेस्ट’ की तरह है।

जन सुराज और जद यू दोनो अपने अपने तरीके से नजर रख रहे हैं और विश्लेषण में जुटे हैं।यह भी तय है कि आगे जद यू को इससे नुकसान होगा।जन सुराज में पार्टी के इन नेताओं के शामिल होने के बाद जद यू के प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र पटेल की पैनी नजर रही।उनका दावा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।लेकिन,भाजपा इससे बेपरवाह है,क्योंकि,वह संगठिक रूप से मजबूत दिख रही है। यहां के विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा खुद नितीश कुमार के करीबी हैं और जद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं,बल्कि, पार्टी संस्थापक सह राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य रह चुके हैं।लेकिन,जन सुराज यहां एनडीए के लव कुश समीकरण को दरकाने की कोशिश में दिख रही है,जो,भाजपा के लिए चुनौती हो सकता है।कहा जा रहा हैं कि पार्टी ने इस सीट को अपने कोटे में ले लिया तो भुवन पटेल ही उम्मीदवारी की सबसे आगे की पंक्ति में होंगे।हालाकि,पूर्व मंत्री श्याम बिहारी प्रसाद भी कम नहीं हैं।पूर्व में जद यू ने इस सीट को अपने कोटे में लेने के लिए एक टीम भेज कर सर्वे भी कराई थी,लेकिन,एनडीए गठबंधन के सीट शेयरिंग संबंधी आलाकमान के निर्णय पर सब कुछ निर्भर करता हैं।भाजपा नेताओं का कहना है कि यह कतई संभव नहीं है कि अपनी परंपरागत और सीटिंग सीट भाजपा छोड़ दें।यह क्षेत्र भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा संजय जायसवाल के संसदीय क्षेत्र का मजबूत और महत्वपूर्ण हिस्सा है,जहां से वे बढ़त से जीतते रहे हैं।भाजपा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य गुड्डू सिंह साफ साफ कहते हैं कि रक्सौल सीट भाजपा की है और रहेगी।

फिलहाल,इस घटनाक्रम को क्षेत्र में जदयू के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. राव के साथ जदयू से जुड़े कई वरिष्ठ और सक्रिय सदस्यों ने भी पार्टी छोड़ दी है, जिनमें युवा प्रखण्ड अध्यक्ष विकाश कुमार व्यवसायिक प्रकोष्ठ प्रखण्ड अध्यक्ष अजय कुमार साह , जोकियारी पंचायत अध्यक्ष, सह पंचायत समिति सुनिल पटेल धनगढ़वा कौड़ीहार पंचायत अध्यक्ष अनिल कुमार जिला महासचिव, इंद्रजीत प्रसाद ,रामानंद पटेल और पूर्व प्रखंड उपाध्यक्ष शौकत अली, नोनयाडीह पूर्व पंचायत अध्यक्ष अमरदेव प्रसाद, हरदिया पूर्व पंचायत अध्यक्ष ऐनुल अंसारी, पूर्व प्रखण्ड उपाध्यक्ष संजय दास, पूर्व प्रखण्ड महासचिव जयनारायण साह ,अनिल यादव ,पूर्व प्रखण्ड सचिव चंदन यादव ,युवा जिला महासचिव साहिल खान जैसे पद संभाल चुके कई नेता शामिल हैं।

इन नेताओं ने जन सुराज की विचारधारा और प्रशांत किशोर के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान पर विश्वास जताते हुए इसमें शामिल होने का निर्णय लिया। जन सुराज के एक स्थानीय प्रतिनिधि ने बताया कि डॉ. राव जैसे प्रभावशाली व्यक्ति का उनके साथ आना, जन सुराज के जनाधार को और मजबूत करेगा।

आगामी चुनावों पर प्रभाव:

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. राव की रक्सौल क्षेत्र में अच्छी पकड़ है और उनका जन सुराज में जाना आगामी चुनावों में जदयू के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।यही नही आगे और टूट हो सकती है।यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है और जन सुराज इस नए जुड़ाव का लाभ कैसे उठाता है।

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