
रक्सौल।(Vor desk)। नगर विकास विभाग द्वारा रक्सौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद धुरपति देवी को पद मुक्त करने का आदेश जारी होने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।इस मामले में विवादों में रहे तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव एवं तत्कालीन स्टैंडिंग कमेटी सदस्यों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर करवाई की मांग तेज हो गई है।इसको ले कर नगर परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर हो अभियान चलाने वाले समाजिक कार्यकर्ता नुरुल्लाह खान ने बिहार सरकार और नगर विकास विभाग को लिखित शिकायत कर पूरे मामले में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के भूमिका और कार्यों की जांच के साथ ही तत्कालीन स्टैंडिंग कमेटी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर करवाई की मांग की है।वहीं, नुरुल्लाह खान ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि यदि बिहार सरकार इस मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच और करवाई नहीं करती तो आंदोलन किया जाएगा ।उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो न्यायालय की शरण लेंगे।उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में अकेले मुख्य पार्षद कैसे दोषी हो सकती हैं,जबकि, करोड़ों की अवैध खरीद,अवैध नियुक्ति जैसे मामले में सभी निर्णय स्टैंडिंग कमेटी में लिए गए हैं।उन्होंने जांच पर उंगली उठाते हुए कहा कि मुख्य पार्षद पर करवाई कर दी गई है,लेकिन ,अन्य को बचाया जा रहा है।इस मामले में सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी करवाई होनी चाहिए।सभी को सजा होनी चाहिए।
अपने जवाब में मुख्य पार्षद ने सर्वसम्मति से खरीद और बहाली का किया है चर्चा
बता दे कि राजद नेता सह रक्सौल विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी सुरेश यादव की मां और नप के मुख्य पार्षद धुरपति देवी ने विभाग को अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कारण पृच्छा के जवाब में अपने पत्रांक 15 दिनांक 5/3/2025 द्वारा चार बिंदुओं पर स्पष्टीकरण विभाग को दिया गया था। जिसमें मुख्य रूप से अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने विभाग को बताया था कि बहाली करने का निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक था।खरीदारी के संबंध में उन्होंने स्पष्टीकरण विभाग को दिया था कि बोर्ड के बैठक में पारित प्रस्ताव के आलोक में सामान की खरीदारी की गयी थी।
